चंडीगढ़। कुरुक्षेत्र के कुलपति डीडीएस संधु ने कहा है कि सिनेमा किसी भी समाज में लोगों का नजरिया बदलने की क्षमता रखता है, क्योंकि मीडिया समाज को प्रभावित करता है और सिनेमा मीडिया का एक महत्वपूर्ण अंग है। संधु आज विश्वविद्यालय के आर के सदन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय मीडिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टीवल के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित इस फिल्म उत्सव से हरियाणा के लोगों में सिनेमा को देखने का एक अलग नजरिया पैदा होगा जिससे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में भविष्य में हरियाणा का योगदान साफ देखा जा सकेगा। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित मीडिया फिल्म समारोह की श्रृंखला आने वाले समय में भी देखने को मिलेगी और इसके लिए उनके स्तर पर जो भी संभव प्रयास होंगे वह करेंगे।
उन्होंने कहा कि सिनेमा और टीवी को एक ही मंच पर रखना चाहिए इन्हें हम अलग-अलग नहीं कर सकते क्योंकि ये एक दूसरे के पूरक हैं। टेलीविजन सिनेमा से 40 गुणा बड़ा है। सिनेमा सीधे-सीधे हमारे समाज को प्रभावित करता है ऐसे में इसकी नैतिक जिम्मेवारी और अधिक बढ़ जाती है और सिनेमा जगत से जुड़े लोगों को चाहिए कि वे अच्छी फिल्मों के माध्यम से समाज निर्माण में अपनी भूमिका से न्याय करें। इस अवसर पर मशहूर फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक कुंदन शाह ने कहा कि फिल्म निर्माण में आज हमारा देश अग्रणी है। हमारे देश में प्रतिवर्ष 1000 से अधिक फिल्मों का निर्माण हो रहा है, जिसका कारोबार 2000 करोड़ से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद भी हमारी फिल्मों में वो गुणवता दिखाई नहीं देती जिसकी समाज उससे अपेक्षा रखता है। फिल्म निर्देशक शाह के अनुसार आज किसी भी क्षेत्र में सच बोलना बड़ा मुश्किल हो गया है खासकर मीडिया के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है और हम इसको निभाने से पीछे नहीं हट सकते। श्री शाह के अनुसार हम सब बीमार समाज में जी रहे हैं जिसकी दवा के रूप में मीडिया व सिनेमा को एक साथ होना होगा।
2000 संगीत नाटक अकादमिक अवार्ड से सुशोभित एवं अदाकारा सीमा विश्वास ने कहा कि हरियाणा की पहचान उनकी नजरों में कुछ और थी लेकिन यहां आकर पता चला कि हरियाणा के लोग अपने मेहमानों का स्वागत कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की युवा पीढ़ी में वो जज्बा है जो हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है। फिल्म उद्योग में भी हरियाणा के युवाओं के लिए काफी संभावनाएं हैं और मुझे आशा है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा में एक ऐसी फिल्म संस्कृति का विकास होगा जो देश के सिनेमा इतिहास के लिए मिसाल बनेगी।
स्वीडन से पहुंचे सिनेमा विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर एचडब्ल्यू वैस्लर ने हिन्दी में अपने भाषण की शुरुआत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा को पसंद किया जा रहा है। जर्मनी, इंगलैंड सहित कई अन्य यूरोपीय देशों में भारतीय सिनेमा को पसंद करने वालों की संख्या निरंतर बढ रही है। भारतीय सिनेमा के प्रभाव के कारण ही हॉलीवुड की फिल्में भारत में कई कई भाषाओं में डब कर रिलीज की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फिल्मों के प्रसंशकों ने फिल्म कल्ब व फिल्म मैगजीन जैसी संस्थाएं बन रही हैं जो निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा के विकास का आइना है। उन्होंने इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को बधाई दी।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजबीर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल का आयोजन विश्वविद्यालय व संस्थान के लिए गर्व का विषय है। मीडिया फिल्म समारोह का उददेश्य हरियाणा में फिल्म संस्कृति को बढावा देना है। फिल्म उद्योग में अपार संभावनाएं हैं लेकिन हरियाणा अभी इस क्षेत्र में काफी पीछे है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के आयोजन से युवाओं को एक नई दिशा मिलेगी और वे एक नए क्षेत्र में अपने लिए संभावनाएं खोज सकेंगे। विश्वविद्यालय के लिए यह एक ऐतिहासिक ल6हा है जब सीमा विश्वास, फिल्म निर्देशक कुंदन शाह सहित कई बड़ी हस्तियां विश्वविद्यालय के समारोह में शामिल हो रही हैं जो वास्तव में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करते हैं। फिल्म फेस्टीवल के निदेशक अजीत राय ने इस मौके पर अंतराष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि अगले पांच दिनों में विश्वविद्यालय के इस महोत्सव में 25 से अधिक अंतराष्ट्रीय स्तर की फिल्में दिखाई जाएंगी और पांच सौ से अधिक विद्यार्थी इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने इस समारोह के भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डीडीएस संधु व संस्थान के निदेशक प्रो राजबीर सिंह को बधाई दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के डीन एकेडमी अफेयर डॉ गिरीश चौपड़ा, जनसंपर्क विभाग के निदेशक ब्रिजेश साहनी, युवा एवं सांस्कृतिक कल्याण विभाग के निदेशक अनुप लाठर, विभिन्न विभागों के चेयरमैन सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए फिल्म निर्देशक कुंदन शाह ने कहा कि फिल्मे हमारे समाज को प्रभावित करती हैं जिस कारण फिल्म निर्माण से जुडे लोगों की समाज के प्रति जवाबदेही बढ जाती है। मीडिया इंटरनेशनल फिल्म उत्सव जैसे आयोजनों से मीडिया के छात्रों को सिनेमा की बारीकियों को समझने में मदद मिलेगी और उनमें सिनेमा देखने का नजरिया विकसित होगा। शाह ने कहा कि फिल्म निर्माण आज भारी बजट का उद्योग बन चुका है। जिस कारण फिल्म निर्माता हिट फार्मूला का प्रयोग करता है। ऐसे में उनके सामने यह चुनौति होती है कि किस प्रकार वे अपने दायित्वों का पालन करते हुए पथ प्रदर्शक बनें। वहीं बैंडिट क्वीन की बेजोड़ अदाकारा इस अवसर पर अभिनेत्री सीमा बिश्वास ने कहा कि सिनेमा व मीडिया का आपस में बड़ा गहरा ताल्लुक है। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके परिवार से अभिनय विरासत में मिला है जिसके कारण ही राजनीति शास्त्र की पढ़ाई करने के बाद भी अभिनय क्षेत्र को चुना। एक प्रश्र के उत्तर में सुश्री बिश्वास ने कहा कि अगर उन्हें बच्चों की फिल्म में अभिनय करने का मौका मिलेगा तो वे इसे एक चैलेंज के रूप में लेंगी । वहीं उन्होंने कहा कि कई बार स्क्रिप्ट की डिमांड होने पर कलाकारों को ऐसा काम भी करना पडता है जिसके लिए उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हरियाणा कृषि के साथ-साथ सिनेमा क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सराहा जाएगा।
जयश्री राठौर की रिपोर्ट.


