नई दिल्ली। सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइटों पर नियंत्रण की दिशा में केंद्र से तत्काल ध्यान देने की मांग करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कहा कि ऐसी वेबसाइटों का स्वामित्व रखने वाली कंपनियों से कहा जाना चाहिए कि वह भारत में अपने सर्वर लगायें ताकि भडकाऊ टिप्पणियां करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके। आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में गहलोत ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि कुछ सांप्रदायिक तत्वों ने फेसबुक जैसी सामाजिक नेटवर्किंग साइट पर भड़काऊ टिप्पणियां कीं, जिससे राज्य के एक इलाके में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया।
उन्होंने कहा कि उक्त शरारती तत्वों के खिलाफ तत्काल प्रभावशाली कार्रवाई की गयी। साथ ही कहा कि उनकी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मानती है, लेकिन इसका सांप्रदायिक तत्वों द्वारा दुरुपयोग नहीं होना चाहिए और ऐसे मामलों से कडाई से निपटा जाना चाहिए। गहलोत ने कहा कि वह इन तरह की साइटों की सराहना करेंगे, यदि वे कुछ ऐसी प्रणाली विकसित करें कि वे सांप्रदायिक या राष्ट्रविरोधी भावनाओं से भरी सामग्री की पोस्टिंग रोक पाये।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक नेटवर्किंग साइटों के सर्वर चूंकि विदेश में होते हैं इसलिए किसी शरारती तत्व के भडकाने वाले किसी बयान या टिप्पणी की जांच करना या उसके बारे में सूचना हासिल करना दुर्गम लक्ष्य हो जाता है। गहलोत ने आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बलों की क्षमता बढाने और उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।


