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तेलंगाना जैसे छोटे राज्‍यों की समर्थक है बसपा : मायावती

हैदराबाद : बहुजन समाज पार्टी की राष्‍ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि वे तेलंगाना समेत छोटे-छोटे राज्‍यों की समर्थक हैं और इस दिशा में जो भी जरूरी होगा, वे करेंगी। उन्‍होंने देश की बदहाली के लिए कांग्रेस और भाजपा को जमकर कोसा और कहा कि यह पार्टियां यूपी में उनकी सरकार को हज़म नहीं कर पा रही हैं तथा अपनी विफलता व कमियों पर से जनता का ध्यान हटाने के लिये यूपी में बसपा के खिलाफ साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का इस्तेमाल कर रही हैं।

हैदराबाद : बहुजन समाज पार्टी की राष्‍ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि वे तेलंगाना समेत छोटे-छोटे राज्‍यों की समर्थक हैं और इस दिशा में जो भी जरूरी होगा, वे करेंगी। उन्‍होंने देश की बदहाली के लिए कांग्रेस और भाजपा को जमकर कोसा और कहा कि यह पार्टियां यूपी में उनकी सरकार को हज़म नहीं कर पा रही हैं तथा अपनी विफलता व कमियों पर से जनता का ध्यान हटाने के लिये यूपी में बसपा के खिलाफ साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का इस्तेमाल कर रही हैं।

दक्षिणी भारत के राज्य आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद के व्हाइट हाउस, लाल बहादुर नगर में ‘आंध्र प्रदेश बीएसपी कार्यकर्ता अधिवेशन’  को सम्बोधित करते हुये मायावती ने कहा कि केन्द्र व आंध्र प्रदेश में चलने वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार के भ्रष्‍टाचार के साथ-साथ उसकी हर मोर्चे पर विफलता जग-ज़ाहिर है एवं इस कारण आंध्र प्रदेश के साथ-साथ सम्पूर्ण देश की जनता त्रस्त है, परन्तु कांग्रेस पार्टी देश भर में व्याप्त जानलेवा महँगाई, बेरोज़गारी व भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाकर आम जनता को राहत पहुँचाने के बजाय नेतृत्व परिवर्तन अर्थात नये नेतृत्व को देश की प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाने के गेम में व्यस्त है।

भारत की क्षेत्रीय विविधता व असमानता का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बीएसपी छोटे राज्यों की पक्षधर है और इसी कारण आंध्र प्रदेश में अलग ‘तेलंगाना’  राज्य बनाने की माँग की हिमायत करती है। यूपी में भी पहाड़ी क्षेत्र उत्‍तराखंड को अलग राज्य बनाने में बीएसपी सरकार की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है एवं वर्तमान में भी यूपी को विभाजित कर अलग बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल व पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश राज्य गठित करने हेतु संघर्शषील है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार की जन-विरोधी नीतियों का ज़मीनी स्तर पर डट कर मुक़ाबला करने के लिये भी देश में ‘बीएसपी मूवमेन्ट’  को मज़बूत करने की ज़रूरत है।

देश में व्याप्त व्यापक ग़रीबी, बेरोज़गारी व महँगाई के साथ-साथ भ्रष्‍टाचार के अभिशाप का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि देश को अन्दर से कमज़ोर करने वाली इन बुराइयों के लिये कांग्रेस व भाजपा दोनों ही पार्टियाँ पूरे तौर पर क़सूरवार हैं, क्योंकि केन्द्र व विभिन्न राज्यों में अपने शासनकालों के दौरान इन पार्टियों ने कभी भी इस मुद्दे पर गंभीरतापूर्वक सख्‍त कार्यवाही नहीं की है। केन्द्र के साथ-साथ भारत के प्रान्तों में इन पार्टियों की सरकारों पर भ्रष्‍टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश भर में बीएसपी ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो अपने कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की कमाई से अपना संगठन चलाती है और विरोधी पार्टियों की तरह धन्ना सेठों के धन पर आश्रित नहीं है। इसीलिये उत्‍तर प्रदेश में बीएसपी की सरकार समाज के शोषित, उपेक्षित व ग़रीब लोगों के हित व सम्मान में बड़े-बड़े युग-परिवर्तनीय काम करके इन वर्गों के लोगों का जीवन सुधार कर, देश हित में, सामाजिक परिवर्तन की राह हमवार कर रही है। बीएसपी एक मानवतावादी मूवमेन्ट है, जिसका उद्देश्य दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्में महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासतौर से महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर देश में समतामूलक समाज की स्थापना करना है।

हैदराबाद से वरिष्‍ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट.

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