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पहली बार राष्‍ट्रपति भवन में याद किए गए वीर कुंवर सिंह

वीर कुंवर सिंह का 155वां विजयोत्सव पहली बार राष्ट्रपति भवन में मनाया गया. वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत विजयोत्सव समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति, भारत श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने वीर कुंवर सिंह के फोटो पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि देते हुए की. तदोपरांत महामहिम को वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने संस्था का प्रतीक चिन्ह भेंट किया और अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद संभवत पहली बार वीर कुंवर सिंह का स्मृति स्थल राष्ट्रपति भवन बना है. इस अवसर पर वीर कुंवर सिंह को याद करते हुए प्रतिभा पाटिल ने कहा कि जिन्दगी सिर्फ भोजन पर नहीं चलती..प्रेरणा पर चलती है. जिस तरह वीर कुंवर सिंह ने बलिदान दिया उससे लोगो को प्रेरणा मिली. ऐसे लोग समय और काल में बंधे हुए नही होते. इन्हें हजारों सालों तक याद किया जाएगा.

वीर कुंवर सिंह का 155वां विजयोत्सव पहली बार राष्ट्रपति भवन में मनाया गया. वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत विजयोत्सव समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति, भारत श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने वीर कुंवर सिंह के फोटो पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि देते हुए की. तदोपरांत महामहिम को वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने संस्था का प्रतीक चिन्ह भेंट किया और अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद संभवत पहली बार वीर कुंवर सिंह का स्मृति स्थल राष्ट्रपति भवन बना है. इस अवसर पर वीर कुंवर सिंह को याद करते हुए प्रतिभा पाटिल ने कहा कि जिन्दगी सिर्फ भोजन पर नहीं चलती..प्रेरणा पर चलती है. जिस तरह वीर कुंवर सिंह ने बलिदान दिया उससे लोगो को प्रेरणा मिली. ऐसे लोग समय और काल में बंधे हुए नही होते. इन्हें हजारों सालों तक याद किया जाएगा.

समारोह को जनार्दन द्विवेदी (महासचिव, अखिल भारतीय कांगेस), डा० कर्ण सिंह और डा० भीष्म नारायण सिंह (पूर्व राज्यपाल) ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में सांसद महाबल मिश्रा, भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दूबे, विश्व भोजपुरी सम्मलेन दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कवि मनोज भावुक, समाजसेवी राकेश सिंह परमार, पत्रकार कुलदीप श्रीवास्तव, मुन्ना पाठक  सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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