पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सिपहसालार रहे स्वर्गीय राजेश पायलट और सांसद रमा पायलट के बेटे, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के दामाद, राहुल गांधी की किचन कैबिनेट के सदस्य और केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण राज्य मंत्री सचिन पायलट अजमेर के सांसद हैं। अजमेर में ना उनका कोई आवास है और ना ही कोई कार्यालय। उनका कोई अधिकृत नुमाइंदा भी अजमेर में नहीं रहता। सचिन की सेवा में नतमस्तक अजमेर के मीडिया ने जनसरोकार के इस मुद्दे को आज तक छूने की कोशिश नहीं की अजमेर की जनता का सांसद अजमेर में क्यों नहीं रहता। जनता को अपने सांसद से मिलना हो तो कब तथा कहां मिला जाए। दो-तीन महीने में एक-दो दिन की सांसद की अजमेर यात्रा पर भी यह मुद्दा नहीं उठाया जाता। कांग्रेसजन तक उनकी इस बेरूखी से दुखी हैं। उन्होंने एक कविता के रूप में अपनी व्यथा आम आदमी से बांटनी शुरू कर दी है, जो इन दिनों अजमेर और कांग्रेस में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके नीचे किसी के नाम की जगह पीड़ित कांग्रेसजन अंकित है। –
राहुल गांधी दरबार के नवरत्न का एक रत्न हूं मैं
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
चुनावों के दौरान नेहरू नगर स्थित बंगला मेरा आशियाना था
अब 3, सफदरगंज, दिल्ली मेरा निवास स्थान है
जो अजमेर जिले के नागरिकों व मतदाताओं को दुत्काराता है
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
गांधी परिवार के रायबरेली व अमेठी विधानसभा क्षेत्रों में पराजय का मंजर देख आया हूं मैं
फिर भी अजमेर जिले से दूर मतदाताओं को छोड़कर विष्व भ्रमण पर निकला हूं मैं
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
अजमेर जिला ब्रम्हा मंदिर, दरगाह शरीफ के कारण विश्वविख्यात माना जाता है
पंडितगिरी, खादिमगिरी व खम्माघणी करना यहां की परंपरा का अंग है इसलिए
पैराशूट से स्काईलैब बनकर आया हूं, ना चाहने पर स्काईलैब बनकर दूसरे क्षेत्र में उड जाउंगा
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
राहुल गांधी के दरबार के समस्त सदस्य अरबपति, करोड़पति, औद्योगिक घराने से हैं
किसी गरीब के जाकर चाय नहीं पीनी पडे़
इसलिए दिल्ली बैठकर नगर बेकरी सेठ के केक-पेस्ट्रियों से सेहत बना रहा हूं मैं
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
अजमेर की ऐतिहासिक बारादरी पर सम्राट शाहजहां के खामाख्वाह के तीन दरवाजे हैं
जनता की हिमायत की खातिर महेंद्र, कमल, नरेन तीन खानाख्वाह के मोहरे तैनात किए हैं
इनकी दुकानदारी ना उठ जाए इसलिए अजमेर में निवास नहीं बना रहा मैं
अजमेर जिले का सांसद हूं मैं
हवा में चलकर आता हूं और हवा में ही उड़ जाता हूं मैं।
राजनैतिक पार्टियां चुनावों में पराजित होती हैं, राजाओं के दरबार नहीं
पारिवारिक परंपराएं युगों से चली आ रही, इनका अंत कभी होता नहीं
जनता, पद, वोट, राजनीति को हम अपने जेब की धरोहर मानते हैं
सांसद हैं, सांसद रहेंगे, जहां भी जाएंगे, हवा में चलकर जाएंगे और हवा में उड़कर आएंगे
प्रसारितकर्ता -पीड़ित कांग्रेसजन
राजेंद्र हाड़ा राजस्थान के अजमेर के निवासी हैं. करीब दो दशक तक सक्रिय पत्रकारिता में रहे. अब पूर्णकालिक वकील हैं. यदा-कदा लेखन भी करते हैं. लॉ और जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स को पढ़ा भी रहे हैं. उनसे संपर्क 09549155160, 09829270160 के जरिए किया जा सकता है.


