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नारद जी की जिज्ञासा सार्थक परिणाम की ओर ले जाती है : प्रभात रंजन दीन

: कई पत्रकार किए गए सम्‍मानित : लखनऊ। देवर्षि नारद के चौरासी सूत्र वस्तुत: पत्रकारिता के शाश्वत सिद्धान्त हैं। इनसे प्रेरणा लेकर मीडिया जगत समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत कर सकता है। उक्त बातें प्रख्यात पत्रकार  एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के. विक्रम राव ने कही। उन्होंने फ्रांस और उत्तर प्रदेश के चुनावी सन्दर्भ में नारद जयन्ती की चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक कल्याण के अनुरूप काम करने वालों को ही सत्ता में वापसी संभव होती है। नारद जी ने लोककल्याण को ही सर्वाधिक महत्व दिया। नारद जी आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कर्तव्यपरायणता का सन्देश दिया। यह आज के पत्रकारों के लिए भी उपयोगी है। सृजन ही समाचार का आधार होना चाहिए। उन्हें निराकरण भी देना चाहिए। नारद जी ने ईमानदार पत्रकारिता का संदेश दिया। वह घटनास्थल पर उपस्थित रहते हैं। घटना क्या है, केवल यह नहीं बताया। घटना क्या हुई इसको उजागर किया। समाधान दिया। इसके बाद भी वह आसक्त नहीं। वह ज्योतिष विज्ञान का भी जनहित में प्रयोग करते हैं।

: कई पत्रकार किए गए सम्‍मानित : लखनऊ। देवर्षि नारद के चौरासी सूत्र वस्तुत: पत्रकारिता के शाश्वत सिद्धान्त हैं। इनसे प्रेरणा लेकर मीडिया जगत समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत कर सकता है। उक्त बातें प्रख्यात पत्रकार  एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के. विक्रम राव ने कही। उन्होंने फ्रांस और उत्तर प्रदेश के चुनावी सन्दर्भ में नारद जयन्ती की चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक कल्याण के अनुरूप काम करने वालों को ही सत्ता में वापसी संभव होती है। नारद जी ने लोककल्याण को ही सर्वाधिक महत्व दिया। नारद जी आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कर्तव्यपरायणता का सन्देश दिया। यह आज के पत्रकारों के लिए भी उपयोगी है। सृजन ही समाचार का आधार होना चाहिए। उन्हें निराकरण भी देना चाहिए। नारद जी ने ईमानदार पत्रकारिता का संदेश दिया। वह घटनास्थल पर उपस्थित रहते हैं। घटना क्या है, केवल यह नहीं बताया। घटना क्या हुई इसको उजागर किया। समाधान दिया। इसके बाद भी वह आसक्त नहीं। वह ज्योतिष विज्ञान का भी जनहित में प्रयोग करते हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रधर्म पत्रिका के संपादक आनन्द मिश्र अभय ने कहा कि नारद जी सदैव भ्रमण करते हैं उनका उद्देश्य जनहित है। वह सभी के विश्वास पात्र हैं। लोककल्याण में नि:स्वार्थ समर्पित व्यकित ही अपनी विश्वसनीयता कायम कर सकता है। नारद जी का जीवन इसकी प्रेरणा देता है। पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता बनाने का सतत प्रयास करना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी ने कहा कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाले हैं। इसके लिए उनका चिन्तन सकारात्मक होना चाहिए। राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोच्च मानना होगा। भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के अनुरूप संस्कारवान बनाना पत्रकारों का दायित्व है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैनविज टाइम्स के संपादक प्रभात रंजन दीन ने कहा कि नारद जी जिज्ञासु हैं। उनकी जिज्ञासा सार्थक परिणाम की ओर ले जाती है। वह अनुभूतियों से प्रेरित पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों की खबर को हाशिए पर रखना अपराध है। नारद से प्रेरणा लेने वाला पत्रकार कायर नहीं हो सकता। उन्होंने हिन्दुओं से संबंधित मामलों पर सरकार और पत्रकारिता के दोहरे मापदण्डों को अनुचित बताया। मजहबी भावना से ऊपर उठकर सच्चाई को कहने का साहस होना चाहिए।

समारोह में पत्रकारों को श्रीफल, शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले पत्रकारों में हिन्दुस्तान रायबरेली के अखिलेश ठाकुर, कन्तराज यादव (दैनिक जनमोर्चा, अम्बेडकरनगर), कमलाकान्त सुंदरम (हिन्दुस्तान, फैजाबाद), अरुण कुमार मिश्र  (दैनिक जागरण, गोण्डा), अरुण कुमार दीक्षित (डीएनए, उन्नाव), बृजेश कुमार गुप्ता (निष्पक्ष प्रतिदिन, श्रावस्ती), अनुराग अस्थाना (दैनिक आज, कानपुर), अशोक मिश्रा (लोकमत, लखनऊ) को सम्मानित किया गया। शिशु मनिदर इंदिरा नगर की बालिकाओं ने सरस्वती वन्दना वन्देमातरम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम नारायण सिंह, हिन्दू जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिव कुमार, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, प्रान्त प्रचारक संजय, क्षेत्र सेवा प्रमुख नवल किशोर, लखनऊ जनसंचार संस्थान के निदेशक अशोक सिन्हा, डा. दिलीप अगिनहोत्री, नन्द किशोर श्रीवास्तव, मृत्यंजय दीक्षित, बृजनन्दन यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजक भारत सिंह व धीरज त्रिपाठी थे। विश्व संवाद केन्द्र के प्रमुख राजेन्द्र ने विश्व संवाद केन्द्र की गतिविधियों का उल्लेख किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रधर्म पत्रिका के प्रबन्धक पवन पुत्र बादल ने किया।

लखनऊ से दिवाकर अवस्थी की रिपोर्ट.

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