बाड़मेर सरहदी जिले बाड़मेर जैसलमेर की सुरक्षा राजस्थान सरकार ने एक होनहार पुलिस अधीक्षक दम्पति के हवाले की है. इस दम्पति ने हाल ही में पूरे देश में चल रहे कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान को अपनी जिंदगी का एक हिस्सा बना लिया है. यह पुलिस अधीक्षक दम्पति बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट और जैसलमेर की पुलिस अधीक्षक ममता विश्नोई हैं, जिन्होंने अपने अपने जिलों में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरण की कमान संभाली है. हालांकि देश में ऐसे कई अधिकारी दम्पति होंगे, मगर यह दम्पति खास है. राहुल ने पुलिस के जवानों को इस कुरीति के खिलाफ कमर कसने का सन्देश दिया. यह पहला अवसर है जब कोई पुलिस अधिकारी कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जन जागरण के लिए बोले हों.
पुलिस अधिकारी ममता विश्नोई ने भी उस गाँव में जाकर कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ जनजागरण का सूत्रपात किया, जो गाँव कन्या हत्या के लिए कुख्यात रहा है. इन गाँवों में प्रशासन का कोई अधिकारी जाना पसंद नहीं करता, वहां जैसलमेर पुलिस अधीक्षक ममता विश्नोई ने देवड़ा गाँव में जाकर कन्या हत्या के खिलाफ ना केवल जनजागरण किया, बल्कि बेटियों को पढ़ाने की शपथ भी दिलाई अपने गाँव में पहली बार महिला पुलिस अधिकारी को आई देख ग्रामीण ख़ास तौर से महिलाएं बड़ी खुश हुई. उन्होंने दिल खोल कर कन्या भ्रूण हत्या पर अपने अनुभव रखे यह बड़ी व अनूठी पहल थी, इस पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे. इसी तरह बाड़मेर पुलिस अधीक्षक राहुल बारहट ने भी इस अभियान को जन जागरण का मुद्दा बनाने का साहस दिखाया. राहुल का व्यक्तित्व आकर्षक है युवा वर्ग में कम समय में काफी लोकप्रिय हो गए. उनका सन्देश लोगों ने हाथों हाथ लिया है. एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर जहां देश पूरा एक साथ खड़ा नज़र आ रहा है वहीं सरहदी जिलों में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ पुलिस अधीक्षक दम्पति ने हुंकार भरी हैं, जो काबिले तारीफ़ है. उनके जज्बे और हौंसले को सलाम.
बाड़मेर से चंदन भाटी का रिपोर्ट.


