ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 300 किमी0 दूर कैस्पियन सागर के तट पर स्थित ज़िबाकेनार के अन्तर्राष्ट्रीय सभागार में आगामी 15 मई से 17 मई तक दुनिया भर में रेडियो से जुड़े प्रस्तुतकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। मौका होगा 12वें अन्तर्राष्ट्रीय रेडियो फेस्टिबल और चौथे अन्तर्राष्ट्रीय रेडियो फोरम का। रेडियो ईरान पिछले कई वर्षो से अपने यहाँ रेडियो से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए सम्मेलन आयोजित करता है। जिसमें एक तरफ विश्व भर से आमंत्रित रेडियो कार्यक्रमों में से चुने हुए कार्यक्रमों को पुरस्कृत किया जाता है, वहीं रेडियों पर आधारित संगोष्ठी में विशेषज्ञ विचार-विमर्श भी करते हैं।
इस वर्ष आकाशवाणी के चार प्रस्तुतकर्ताओं के कार्यक्रमों को पुरस्कार वर्ग हेतु नामांकित किया गया है। इसमें दो प्रविष्टियाँ आकाशवाणी जालन्धर केन्द्र की हैं और दो आकाशवाणी त्रिवेन्द्रम की हैं। इस वर्ष आयोजित हो रहे रेडियो फेस्टिवल में आकाशवाणी लखनऊ के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिशासी श्री प्रतुल जोशी को उनके शोध पत्र ”रेडियो और वैश्वीकरण की चुनौतियाँ : बोलियों के कार्यक्रमों पर वैश्वीकरण का प्रभाव“ पढ़ने हेतु रेडियो ईरान ने आमंत्रित किया है। श्री प्रतुल जोशी के कई रेडियो कार्यक्रम पूर्व में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जा चुके हैं।


