: लोगों की भावनाओं को बेच रहा है अभिनेता : वाह, बॉलीवुड स्टार आमिर खान के शो सत्यमेव जयते ने टीवी पर धूम मचा रखी है। आमिर खान ने अपनी पब्लिसिटी का नया ही फार्मूला खोज निकला है। सच ही कहा है कि आमिर अपनी पब्लिसिटी के लिए हमेशा कुछ अलग ही करने को कोशिश करते हैं और अब वो सत्यमेव जयते में लोगों के सामने लोगों की पर्सनल समस्या को भुनाने में लगे हैं। कभी भ्रूण हत्या पर तो कभी बच्चों के यौन शोषण पर बस यही बाकी था। ऐसे मुद्दों को उठाकर आमिर खान लोगों की नज़रों में रीयल हीरो बनने की कोशिश कर रहे हैं और इस के साथ आमिर लोगों की भावनाओं से खेलकर पैसे जुटाने में लगे हैं। जानकारों के अनुसार आमिर खान को सत्यमेव जयते के प्रति एपिसोड के लिए 3 करोड़ रुपया मिलेगा। महीने में कभी चार तो कभी पांच एपिसोड प्रसारित होंगे इस लिहाज से सत्यमेव जयते उन्हें हर महीने 12 से 15 करोड़ की मोटी कमाई करवायेगा।
आमिर तो भाई आमिर ही हैं यह कोई शो नहीं लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, जिसे आमिर भुनाने में लगे हैं। मुझे समझ नहीं आता लोगों को यही सब कुछ अच्छा लगता है क्या? अगर हम बात करे हरीश अय्यर की तो उनकी बात सुनकर मुझे बहुत कुछ अटपटा सा लगता है, कि 7 साल की उम्र से लेकर उनके साथ 18 साल उम्र तक यौन शोषण होता रहा और वो सहते रहे। अरे क्या वो इतने लाचार था कि वो अपने लिए भी लड़ नहीं पाए। क्या वो अपने पर होते जुर्म के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा पाया। अरे आज के नौजवान इतने जागरूक हैं कि वो दूसरों पर जुर्म होते नहीं देख सकते और हरीश खुद पर हो रहे इस अत्याचार को कैसे सहता रहा? और जब मैंने ध्यान से सोचा तो मेरा शक सही हुआ “माफ़ कीजियेगा कुछ लोगों को मेरी बात बहुत बुरी जरूर लगी होगी पर सच हमेश कडवा ही होता है”, और सच क्या है वो मैं आप को बता देना चाहता हू।
हरीश अय्यर जिसे अपने सत्यमेव जयते के बाल शोषण पर आधारित एपिसोड में देख चुके हैं, जहाँ यह खुद को बाल शोषण का शिकार बता कर लोगों की सहानुभूति बटोरने की कोशिश की है, जिस के अनुसार उसके साथ महज 7 साल उम्र से 18 साल की उम्र तक करीब 11 साल तक बलात्कार होता रहा और वो अपने पर हो रहे अत्याचार को सहता रहा। दरअसल हरीश एक “गे” है, यह मैं नहीं कहता यह आप लोगों को खुद हरीश ने ही बताया था। यह सब उसने 29 अप्रैल को IBN7 पर प्रसारित होने वाले शो “ज़िन्दगी लाइव” में खुद बताया था कि वो “गे” है। उस ने यह भी कहा था कि उसे समलैंगिक होने पर गर्व है। अब आप ही बतायें कि क्या आमिर हमें और हमारे बच्चों को क्या समझाना चाहते हैं। क्या एक “गे” हमें बतायेगा कि हम अपने बच्चों की सुरक्षा कैसे करें।
मुझे समझ नहीं आता हमारे समाज को क्या हो गया है, जो हमेशा ही गांधीजी के बंदरों कर तरह व्यवहार करताहै, जो न कुछ सुनता है, न कुछ बोलता है और न कुछ देखता है, और ऐसे शो हमें और हमारी भावनाओं को हमेशा ही कुरेदते रहेंगे। हम और हमारा समाज कब जगेगा? हम अपने बच्चों की सुरक्षा कैसे करें यह अब हमें आमिर बतायेंगे। शायद नहीं हम किस पर विश्वास कर सकते हैं। क्या हम जानते हैं, नहीं। क्या दादा पर नाना पर या चाचा पर मामा पर या फिर बच्चों के पिता पर, पिछले समय में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहाँ पिता ने ही समाज की सभी सीमाएं पार कर अपनी बेटी को ही हवस का शिकार बनाया है, तो फिर विश्वास किस पर करें। किस से बचाए अपने बच्चों को, “क्या है किसी के पास जबाब, शायद नहीं”, फिर भी मैं यही कहूँगा कि “सत्यमेव जयते” और आमिर का यह फार्मूला भी हिट हो गया लगता है। लोगों की भावनाओं को समझकर उन्हें भुनाना तो कोई आमिर से सीखे….।.
आरके पंडित
99155-66876
फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)


