गुवाहाटी। श्री कालिका पीठाधीश्वर तथा विश्व हिन्दू फेडरेशन के अध्यक्ष महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने केन्द्र की सरकार को हिन्दुओं के साथ साम्प्रदायिक भेदभाव करने से बाज आने की चेतावनी दी है। हज यात्रियों को बिना जांच के बीजा दिए जाने के केन्द्र सरकार के फैसले को श्री कालिका पीठाधीश्वर ने संप्रदायिक भेदभाव वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि देश में हिन्दुओं के साथ संप्रदायिक रूप से भेदभाव करने के साथ कानून की नजरों में भी समान रूप से नहीं देखा जाता है। एक साधू को किसी घटना में फंसा कर परेशान किया जाता है, वहीं सुप्रिम कोर्ट द्वारा फांसी की सजा दिए जाने के बावजूद सरकार उसे फांसी नहीं देती है, क्योंकि उसका संबंध इस्लाम से है। श्री अवधूत ने पूछा है कि यह आखिर कैसी सरकार है जिसे इस्लाम से जुडे किसी भी मुद्दे के पीछे हरा रंग दिखता है और महंगाई तथा भ्रष्टाचार की बातें करने वाले के पीछे सिर्फ भगवा रंग।
उन्होंने केन्द्र की सरकार से पूछा है कि हज यात्रियों को छूट और बिना जांच के बीजा देने वाली सरकार कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वालों के लिए भी इस तरह का प्रावधान क्यों नहीं करती है। आज यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन श्री अवधूत ने कहा कि देश की वर्तमान सरकार हिन्दुओं और खासकर साधु-संतो के पीछे पड गई है। उसे आतंकावाद के पीछे सिर्फ साधु-संत दिखता है और महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वाला हर आम व शख्स संघी नजर आता है। जबकि महंगाई और भ्रष्टाचार देश की आम अवाम से जुडा मुद्दा है और आतंकवाद एक वैश्विक घटना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई साधु-संत का चोला पहन कर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देता है तो उसे कानून के अनुसार अवश्य दंड दिया जाना चाहिए। लेकिन इसके बहाने यदि सरकार सभी साधु-संतों को बदनाम करने का प्रयास करेगी तो यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की सरकार बताए कि सिर्फ संप्रदायिक तुष्टीकरण को प्रश्रय देने के अलावे क्या किया है।
कालिका पीठाधीश्वर ने बाबा रामदेव का समर्थन करते हुए कहा कि उनका संगठन हर उस आदमी के साथ है जो देश से महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज लगाता है। योग गुरु के साथ सरकार के बुरे व्यवहार को गलत बताते हुए उन्होंने ने कहा कि केन्द्र की सरकार साधु-संतों के बलिदानों को भूलने की भूल न करें। अवधूत ने कहा कि सत्ता के मद में चूर केन्द्र की सरकार से देश की जनता बाबा रामदेव के साथ किए गए दुर्व्यवहार का जवाब मांगने के साथ यह अवश्य जानना चाहेगी, उन्होंने गोवध को रोकने, हिन्दू के देवी देवताओं का नग्न चित्र बनाने पर रोक लगाने और गंगा की पवित्र धारा को अविरल बहने और प्रदूषित होने से रोकने के लिए क्या किया है। यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की सरकार बताए कि सिर्फ संप्रदायिक तुष्टीकरण को प्रश्रय देने के अलावे क्या किया है।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.


