Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सोशल मीडिया

कतील की हत्या में एटीएस की भूमिका की जांच हो- पीयूसीएल

लखनऊ : पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने इंडियन मुजाहीदीन के आतंकी होने के आरोप में पुणे जेल में बंद कतील सिद्दिकी की जेल में की गई हत्या पर एटीएस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। एडवोकेट मुहम्मद शुएब और संगठन के प्रदेश संगठन सचिव शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने बयान जारी कर कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार फसीह महमूद की अवैध गिरफ्तारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रही है, ऐसे हालात में उसी घटना से जुड़े कतील जैसे एक अहम कड़ी की हत्या सरकार और एटीएस को कटघरे में ला देती है।

लखनऊ : पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने इंडियन मुजाहीदीन के आतंकी होने के आरोप में पुणे जेल में बंद कतील सिद्दिकी की जेल में की गई हत्या पर एटीएस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। एडवोकेट मुहम्मद शुएब और संगठन के प्रदेश संगठन सचिव शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने बयान जारी कर कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार फसीह महमूद की अवैध गिरफ्तारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रही है, ऐसे हालात में उसी घटना से जुड़े कतील जैसे एक अहम कड़ी की हत्या सरकार और एटीएस को कटघरे में ला देती है।

 

मानवाधिकार नेताओं ने यह भी कहा है कि जिस तरह फसीह के वकील मुहम्मद नौशाद खान को लगातार फोन पर धमकियां दी जा रही हैं और प्रशासन के समक्ष शिकायत के बावजूद उन्हें धमकाने वाले नहीं पकड़े जा रहे हैं उससे भी सरकार की आपराधिक भूमिका साबित होती है। मानवाधिकार नेताओं ने कतील की हत्या की तुलना बाटला हाउस फर्जी मुठभेड़ से करते हुए कहा कि अब सरकार आरोपियों की हत्या जेल के अन्दर भी करने लगी है और उसका बहाना कैदियों के आपसी झगड़े और गैंगवार को बताकर अपनी आपराधिक भूमिका को छिपा लेना चाहती है। जैसा कि पहले भी तिहाड़, जयपुर और अहमदाबाद की जेलों में बंद मुस्लिम आरोपियों पर हुए कातिलाना हमलों में हुआ है। उन्होंने मांग की कि एटीएस की इस आपराधिक भूमिका के मद्देनजर आतंकवाद के आरोप में विभिन्न जेलों में बंद मुस्लिम आरोपियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाय।

पीयूसीएल नेताओं ने कहा कि पिछले दिनों दरभंगा दौरे में यह बात कतील के पिता ने उन्हें बताई थी कि इस गिरफ्तारी में उनके थाने की पुलिस का भी सहयोग था जो बिहार की नितीश सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। नीतिश बाहर तो कहते हैं कि बाहरी एटीएस बिना हमारी जानकारी के दरभंगा से लड़कों को उठा ले जा रही है। इसलिए कतील की हत्या में सिर्फ एटीएस, एनआईए और खुफिया विभाग ही नहीं बिहार पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...