नई दिल्ली : डा. मनमोहन सिंह ने खुद को कमजोर प्रधानमंत्री करार दिए जाने को विपक्ष का चालाकी भरा दुष्प्रचार करार दिया है। प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे इसमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन इसे लेकर मंत्रिमंडल में मतभेद हैं। मनमोहन सिंह ने प्रिंट मीडिया के संपादकों के साथ पीएम आवास पर हुई बैठक के दौरान यह बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ब्लैक मनी, टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सभी संभव उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह सब एक बार में ही नहीं हो सकता। इसके लिए समय चाहिए। उन्होंने रामदेव के समर्थकों पर रामलीला मैदान में हुई पुलिस कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण बताया साथ ही यह भी कहा कि इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
पीएम ने कहा कि हमें एक मजबूत लोकपाल की जरूरत है, लेकिन यह रामबाण नहीं है कि सारे रोगों का इलाज हो जाएगा। हमने लोकपाल के मामले में एक रास्ता ढूंढ निकाला है और इस पर आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। मुझे अपने आप को लोकपाल विधेयक के दायरे में लाने में कोई हिचक या परेशानी नहीं है परन्तु मेरे मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को ऐसा लगता है कि पीएम पद को लोकपाल के दायरे में लाने से स्थिति अस्थिर होगी।
डा. मनमोहन सिंह ने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि यह आरोप लगाने वाला ‘अभियोजक और जज’ बन गया है। मनमोहन ने यह भी कहा कि मुझे सोनिया गांधी से भरपूर सहयोग मिला, वह कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बेहतरीन ढंगसे काम कर रही है। अपने और कांग्रेस सोनिया गांधी के साथ मतभेद की खबरों को विराम देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है और उन्हें सोनिया गांधी का विश्वास प्राप्त है।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस के कई नेता राहुल गांधी को पीएम के रूप में पेश करने की बात करते हैं। इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि पार्टी स्तर पर यह बात अभी सामने नहीं आई है। लेकिन वह युवा पीढ़ी को आगे आने का हमेशा स्वागत करते हैं। यह हमारी पार्टी की परंपरा रही है कि पार्टी के नेता अपने विचार सार्वजनिक मंच से प्रकट करते रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी के मामले में यह जरूरी नहीं कि यह पार्टी का विचार है बल्कि यह पार्टी नेताओं का निजी विचार हो सकता है। वैसे कांग्रेस पार्टी फैसला करेगी कि राहुल पीएम बनेंगे या नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सिविल सोसायटी के लोगों से बात करेगी लेकिन कोई भी समूह इस बात पर जोर नहीं दे सकता कि उनके विचार अंतिम हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल पर चर्चा जारी है।


