एकल स्वामी फर्मों के बैंक खाता खोलने के नियमों को सरल किया जाये एकल स्वामी फर्मों में प्रोपराइटर की निजी व फर्म के नाम दोनों की पहचान के दोहरे दस्तावेजों की मांग का विरोध समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने किया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर को लिखे पत्र में सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने बैंकों द्वारा अपने “ग्राहक को जानो” योजना के अन्तर्गत एकल स्वामी फर्मों के सम्मुख बैंक खाता खोलने में आ रही कठिनाई से दोबारा अवगत कराया है। गोपाल अग्रवाल के अनुसार एकल स्वामी (प्रोपराइटरी) प्रतिष्ठान के खाता खोलते समय बैंक उसके प्रोपराइटर के नाम व पते की पहचान के साथ फर्म के नाम की पहचान के दस्तावेज भी मांगते हैं जिसमें किसी भी शासकीय विभाग में उस फर्म के पंजीकरण का प्रमाण पत्र हों, उधर शासकीय विभागों में पंजीकरण के लिए बैंक खाता नम्बर मांगते हैं इससे प्रतिष्ठान का स्वामी दुविधा में आ जाता है।
इस सम्बन्ध में गोपाल अग्रवाल ने 1 सितम्बर 2011 को रिजर्व बैंक के गवर्नर को पत्र लिख कर व्यापारी के खाता खोलने में आ रही कठिनाई से अवगत कराया था। इसके उत्तर में रिजर्व बैंक ने नियमों को सरल करते हुए दिनांक 17 अप्रैल को गोपाल अग्रवाल को सूचित किया कि एकल स्वामी के नाम की आयकर विवरणी व फर्म के नाम से पानी, बिजली अथवा लैंड लाईन टेलीफोन बिल से खाता खुल जायेगा। गोपाल अग्रवाल ने इसे नाकाफी बताते हुए मांग की है कि प्रोपराइटर की निजी पहचान के सरकारी प्रमाणों पर बैंक खाता खोल देना चाहिए। शंका को शत-प्रतिशत दूर करने के लिए प्रतिष्ठान का भौतिक सत्यापन किया जा सकता है। एकल स्वमी वाली फर्म के अधिकांश व्यापारी अति सूक्ष्म व्यापार को करने वाले होते हैं उनके लिए बैकों की भारी भरकम रस्म अदायगी सम्भव नहीं है जहां तक कपट की सम्भावनाओं का प्रश्न है, प्रोपराइटर की निजी पहचान के दस्तावेजों में अतिरिक्त सावधानी बरती जा सकती है। गोपाल अग्रवाल ने उम्मीद जतायी है कि बैंक छोटे व्यापारियों के प्रति विशेष संवेदना प्रदर्शित करें तथा व्यापारियों को सम्पूर्ण कारोबार बैंक के माध्यम से करने के लिए प्रेरित करें।


