महराजगंज। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी के नेपाल में भारतीय वाहनों के प्रवेश पर रोक के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। शुक्रवार को सोनौली बार्डर से नेपाल गई दो गाडि़यों को शाम माओवादियों ने फूंक दिया। कई गाडि़यो में तोड़फोड़ की।सीमा पर कई थानो की फोर्स और एसएसबी तैनात करने के साथ रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एसपी महराजगंज लक्ष्मीनरायण ने बताया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक भारतीय और नेपाली वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में गोरखपुर के अधिकारियों से बात कर गाड़ियों को वहीं रोकने को कहा है।
इसके विरोध पर सीमा पर हिंदू युवा वाहिनी ने नेपाली प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और माओवादी विरोधी नारे लगाए। नेपाली दलों ने भी वाहन फूंकने की निंदा की है। शुक्रवार सुबह से ही माओवादियों ने सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले भारतीय वाहनो को रोका। जो वाहन नेपाल में गए उनमें तोड़फोड़ कि गई। वीरगंज के दो भारतीय गाडियो में आग लगा दी। माओवादी सगंठन का कहना है कि भारतीय व्यापारीयों और भारतीय वाहनो से नेपाल के लोगो की रोजी-रोटी मारी जा रही है। सरकार से इस संबंध में मांग कि लेकिन उस पर अमल नही किया गया।इससे गुस्साये भारतीय व्यापारियों तथा स्थानीय लोगो ने सोनौली स्थित भारत-नेपाल सिमा को जाम कर दिया। यहां भी नेपाल से आने वाले नेपाली वाहन पर रोक लगा दी गई। साीमा ने दोनो तरफ गाडि़यो कि लाईन लग गई है। दोपहर बाद लोगों ने अधिकारीयो के आश्वासन पर जाम खत्म कर दिया,लेकिन भारतीय व्यापारी और समाजसेवी सगंठन देर रात तक सिमा पर जमंे रहे।
नेपाल दलो ने किया विरोधः नेपाल कांग्रेस सीपीएन (यूएमएल) और मधेशी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने भारतीय गाडि़यो के प्रवेश पर रोक को गलत बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष सुूशील कोईराला का कहना है कि इस बारे में भारत से वार्ता करनी चाहिए। सीपीएन (युएमएल) के सचिव विष्णु पौडेल ने कहा कि माओवादियो को अपना विरोध वापस लेना चाहिए। पुर्व मंत्री शरद सिंह भड़ारी का कहना है कि माओवादियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि नेपाल के संविधान में हिंदी का दर्जा दिया गया है।
महराजगंज से ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट. संपर्क- 09621583583


