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आचार्य निरंजननाथ सम्मान डॉ असग़र वजाहत को, सूरज पालीवाल और पल्लव भी सम्मानित होंगे

राजसमन्द। आचार्य निरंजननाथ स्मृति सेवा संस्थान के सहयोग से साहित्यिक पत्रिका संबोधन के माध्यम से प्रति वर्ष दिया जाने वाला ‘आचार्य निरंजननाथ सम्मान’ हिन्दी के विख्यात साहित्यकार डॉ असग़र वजाहत को प्रदान किया जाएगा। सम्मान समिति के संयोजक और संबोधन के सम्पादक क़मर मेवाड़ी के अनुसार कर्नल देशबंधु आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन पुरस्कारों की घोषणा की गयी।

राजसमन्द। आचार्य निरंजननाथ स्मृति सेवा संस्थान के सहयोग से साहित्यिक पत्रिका संबोधन के माध्यम से प्रति वर्ष दिया जाने वाला ‘आचार्य निरंजननाथ सम्मान’ हिन्दी के विख्यात साहित्यकार डॉ असग़र वजाहत को प्रदान किया जाएगा। सम्मान समिति के संयोजक और संबोधन के सम्पादक क़मर मेवाड़ी के अनुसार कर्नल देशबंधु आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन पुरस्कारों की घोषणा की गयी।

 

क़मर मेवाड़ी ने बताया कि 14 वाँ आचार्य निरंजननाथ सम्मान डॉ असग़र वजाहत,दिल्ली  को उनकी कथा कृति ‘मैं हिन्दू हूँ’ पर इक्यावन हजार (51,000/-) रुपये, हिन्दी के युवा आलोचक पल्लव,चित्तौड़गढ़ को दूसरा प्रथम प्रकाशित कृति सम्मान उनके आलचना निबंध संग्रह ‘कहानी का लोकतंत्र’ पर ग्यारह हजार (11,000/-) रुपये तथा प्रो सूरज पालीवाल, जोधपुर को उनके समग्र साहित्यिक अवदान पर विशिष्ट साहित्यकार सम्मान ग्यारह हजार (11,000/-) रुपये के साथ शाल,श्रीफल,प्रशस्ति पात्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा। 14 वें आचार्य निरंजननाथ सम्मान के इस वर्ष निर्णायक थे- प्रख्यात कथाकार एवं समयांतर के सम्पादक पंकज बिष्ट,प्रसिद्द समीक्षक मधुरेश तथा युवा कथाकार हिमांशु पंडया। सम्मान समारोह 9 दिसंबर 2012 को राजसमन्द जिले के कांकरोली नगर में आयोजित होगा।

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