Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

रक्षा सचिव प्रदीप कुमार होंगे नए मुख्‍य सतर्कता आयुक्‍त

भारत के मौजूदा रक्षा सचिव प्रदीप कुमार देश के नए सीवीसी यानी मुख्‍य सतर्कता आयुक्‍त होंगे. सरकार ने प्रदीप कुमार के नाम पर मुहर लगा दिया है. इसके पहले सीवीसी के पद पर कई संगीन आरोपों से घिरे पीजे थॉमक की नियुक्ति करने के बाद से सरकार बैकफुट पर थी. सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने पहले ही पीजे थॉमस की नियुक्ति रद्द कर दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार की अच्‍छी खासी किरकिरी हुई थी. यह पद इसके बाद से ही खाली चल रहा था. शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री पी चिंदम्‍बरम और विपक्ष की नेता सुषमा स्‍वराज की तीन सदस्‍यों की समिति ने पीएम आवास पर बैठक कर प्रदीप कुमार के नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी.

भारत के मौजूदा रक्षा सचिव प्रदीप कुमार देश के नए सीवीसी यानी मुख्‍य सतर्कता आयुक्‍त होंगे. सरकार ने प्रदीप कुमार के नाम पर मुहर लगा दिया है. इसके पहले सीवीसी के पद पर कई संगीन आरोपों से घिरे पीजे थॉमक की नियुक्ति करने के बाद से सरकार बैकफुट पर थी. सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने पहले ही पीजे थॉमस की नियुक्ति रद्द कर दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार की अच्‍छी खासी किरकिरी हुई थी. यह पद इसके बाद से ही खाली चल रहा था. शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री पी चिंदम्‍बरम और विपक्ष की नेता सुषमा स्‍वराज की तीन सदस्‍यों की समिति ने पीएम आवास पर बैठक कर प्रदीप कुमार के नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी.

प्रदीप कुमार चालू जुलाई महीने के 31 तारीख को रक्षा सचिव पद से रिटायर होने वाले हैं. हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार इसके पहले विनिवेश सचिव और रक्षा संपदा विभाग में सचिव रह चुके हैं. साफ सुथरी छवि वाले प्रदीप कुमार की नियुक्ति को हरी झंडी देकर सरकार ने अपनी पुरानी गलती को सुधारने की कोशिश की है. पीएम आवास पर बैठक के बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्‍वराज ने बताया कि नए सीवीसी का नाम बिना किसी विरोध के तय कर लिया गया है. जल्‍द ही इस नाम की आधिकारिक घोषणा सरकार कर देगी. 

गौरतलब है कि निवर्तमान सीवीसी पीजे थॉमस की नियुक्ति को लेकर सुषमा स्‍वराज ने भी सवाल उठाया था. उस समय भी इसी तीन सदस्‍यीय समिति ने पीजे थॉमस का चयन किया था परन्‍तु सुषमा स्‍वराज ने थॉमस की नियुक्ति का विरोध किया था, परन्‍तु बहुमत न होने के चलते उनकी बात सुनी नहीं जा सकी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने एक जनहित याचिका दायर करके पीजी थॉमस की नियुक्ति को अवैध बताया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पीजी थॉमस की नियुक्ति रद्द कर दिया था. इस मामले में सरकार की भी काफी किरकिरी हुई थी. तभी से यह पद खाली चल रहा था.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...