कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का बनवास खत्म हो चुका है। उन्हें दोबारा कांग्रेस के मीडिया पैनल में शामिल कर लिया गया है। इसका मतलब है कि वह तमाम टीवी चैनलों में चलने वाले बहस- मुबाहिसों में कांग्रेस का पक्ष रखते हुए या बचाव करते नजर आएंगे। हालांकि उन्हें कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं बनाया गया है। मालूम हो, एक सीडी विवाद में फंसने के बाद सिंघवी को न केवल कांग्रेस प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था, साथ ही मीडिया पैनल से भी हटा दिया गया था।
पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी के सूचना प्रसारण मंत्री बनने के बाद कांग्रेस के सामने संकट हो गया है। टीवी चैनलों पर बहसों में पार्टी का मोर्चा मनीष संभालते रहे हैं। उन्हें इसी बात का इनाम भी मिला। उनके जाने के बाद यह कमी महसूस हुई और सिंघवी को मीडिया पैनल में वापस ले लिया गया। पेशे से वकील सिंघवी भी विवादित सीडी मामले में फंसने से पहले कांग्रेस का सबसे मुखर चेहरा रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि अभिषेक मनु सिंघवी को उन नेताओं के पैनल में लाया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बहस में हिस्सा लेते हैं। यानी सिंघवी अब इलेक्ट्रानिक मीडिया में आयोजित होने वाले बहसों में कांग्रेस का पक्ष रखा करेंगे। गौरतलब है सीडी विवाद में फंसने के बाद सिंघवी को अप्रैल माह में पार्टी प्रवक्ता पद और कार्मिक, लोक शिकायत एवं कानून और न्याय मामलों की संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। सिंघवी के इस्तीफे के बाद खबरिया चैनलों पर बहस में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस की ओर से अधिकृत नेताओं की सूची से भी उन्हें हटा दिया गया था। टेलीविजन चैनलों पर बहस में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस ने केन्द्रीय मंत्रियों, पार्टी प्रवक्ताओं और सांसदों सहित कुछ अन्य नेताओं को नामित किया है। अब एक बार फिर से सिंघवी टीवी पर बहस में कांग्रेस का पक्ष रखेंगे। अब मीडिया पैनल में उनकी वापसी से संकेत मिल रहे हैं कि धीरे-धीरे वह अपनी पुरानी स्थिति को प्राप्त कर लेंगे।


