मोतिहारी : शहर से सटे तुरकौलिया थाना क्षेत्र के व्यवसायियों व कर्मचारियों में रंगदारों का भय इस कदर कायम है कि वे खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। हालात ये है कि पेशा करने वाले लोग जान बचाने के लिए पुलिस से सहयोग लेने की बजाय अपराधियों से हाथ मिलाने लगे हैं। कहीं से नहीं लगता कि सूबे में सुशासन का राज है। रंगदारी मांगने का सिलसिला इसी वर्ष जुलाई महीने से शुरू हुआ। जेल से भागे कुख्यात अपराधी राजन सहनी ने पन्द्रह जुलाई को रघुनाथपुर के हार्डवेयर गणेश सिंह से पांच लाख की रंगदारी मांगी। उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगायी। पुलिस के शह पर उन्होंने रंगदारी का रुपया देते समय राजन के गुंडों को पुलिस से पकड़वा दिया। इससे खफ़ा होकर अपराधियों ने 8 अगस्त को गणेश सिंह को उनके दुकान पर ही गोली मार दी। दो दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद उनकी मौत 10 अगस्त को हो गयी।
इस घटना से अपराधियों का मनोबल और बढ गया। फिर 3 अगस्त को लक्ष्मीपुर गदरिया के शिक्षक शिव कुमार यादव से नरेश यादव नामक एक रंगदार ने 3 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। इस संबंध में पीड़ित शिक्षक ने तुरकौलिया थाने में एफ़आईआर दर्ज कराई। अभी पुलिस मामले की तहकीकात ही कर रही थी कि गदरिया के ही सरकारी कर्मी सुदामा राय से कुख्यात मनोज सहनी ने दो लाख रुपए की रंगदारी मांगी। इस मामले में सुदामा राय ने भी एफ़आईआर दर्ज कराई। पुलिस ने रंगदारी के मामलों में नामजद अभियुक्तों चंदन राम, राजन सहनी और नरेश यादव को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन रंगदारों का आतंक रुका नहीं। पन्द्रह अक्टूबर को सपही गांव के ईंट भट्ठा मालिक राजन कुमार सिंह से तपेश गुप्ता नामक अपराधी ने रंगदारी मांगकर पुलिस को खुली चुनौती दे दी। दहशतजदा राजन कुमार सिंह ने पुलिस से सहयोग लेने की बजाय अपराधियों की शरण ली। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने रंगदारी मांगने वाले अपराधी तपेश कुमार सिंह को मांगी गयी राशि दे दी।
अभी यह मामला ठंडा नहीं हुआ था कि राजू सिंह नामक एक अपराधी ने तुरकौलिया स्कूल चौक स्थित हार्डवेयर व्यवसायी शशिभूषण सिंह से 10 लाख रुपए की मांग कर पुलिस को आईना दिखा दिया। हालांकि पुलिस द्वारा शशिभूषण सिंह को दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराये गये हैं जो साये की तरह उनके साथ रहते हैं। लेकिन तुरकौलिया में यह चर्चा का विषय है कि पुलिस आखिर कितने लोगों को बाडीगार्ड उपलब्ध करायेगी। वही इस बाबत सदर डीएसपी मनोज कुमार का बारबार वही रटारटाया जवाब मिलता है कि जल्द ही अपराध पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
मोतिहारी से अजय कुमार की रिपोर्ट.


