: अधिकारियों के रवैये से था परेशान : नवी मुंबई : कई बार शिकायत करने के बाद भी मनपा अधिकारियों द्वारा न्याय नही दिलाये जाने से निराश हुए एक व्यक्ति ने नवी मुंबई मनपा मुख्यालय में मनपा आयुक्त के केबिन के सामने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कर आत्महत्या करने की कोशिश की। नवी मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार इस कदर फैला है कि आम जनों का सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है। मनपा प्रशासन लोकशाही दिन के नाम पर लोगों की समस्याओं के समाधान का तो दावा करती है लेकिन प्रशासन के दावे में लगता है नेताओं के वादे की तरह कोई दम नहीं रह गया है. अगर ऐसा नहीं होता तो सोमवार को नवी मुंबई महानगर पालिका में आयुक्त के केबिन के बाहर किसी शख्स को खुद पर पेट्रोल डाल कर आग लगाने की कोशिश नहीं करनी पड़ती.
आत्महत्या करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति का नाम रमेश पिंडम (38) है। कोपरखेराने में रहने वाले पिंडम का सेक्टर 19 में तीन मंजिला इमारत में घर था। मल्लेश म्हटला इस भवन निर्माता ने पिंडम का घर वाला इमारत का विकास करने का कम लिया था। म्हटला ने आशीष कंस्ट्रक्शन से यह कम लेकर यह महादेव अपार्टमेंट यह साथ मंजिला इमारत खड़ा किया। इस इमारत में म्हटला ने पिंडम को दूसरे मंजिल पर घर देने की बात कही थी उस के अनुसार पिंडम का घर दूसरे मंजिल पर आरक्षित कर रखा था, लेकिन पिंडम को वह घर न देकर किसी और व्यक्ति को पिंडम का घर बेच दिया। विशेष की इस इमारत को अभी तक मनपा के तरफ से ओसी भी नहीं दिया गया है इस के बावजूद भवन निर्माता ने इस इमारत का सभी घर बेच कर रहने के लिए दे दिया है। इस इमारत में अभी लोग रह रहे हैं। इस के बावजूद मनपा अतिक्रमण विभाग द्वारा कुछ नहीं किया गया है। पिंडम ने मनपा अतिक्रमण विभाग में शिकायत भी किया था। मनपा आयुक्त को भी सम्बंधित निवेदन दिया था। जिस के बाद से मनपा आयुक्त ने एक महीना के अन्दर कार्रवाई करने का आदेश अतिक्रमण विभाग को दिया था, लेकिन अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त सुभाष गायकर तीन महीना बित जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए बल्कि पिंडम से दो लाख रुपये मांगे। यह आरोप पिंडम ने लगाया है। इस के लिए पिंडम आज मनपा आयुक्त से मिलने के लिए आये थे लेकिन मनपा आयुक्त ने मिलने से इनकार कर अगले तीन दिन में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिस के बाद से नाराज पिंडम मनपा आयुक्त के केबिन के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कर जान देने की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद मनपा उपयुक्त जगरन्नाथ सिन्नरकर ने तुरंत पिंडम को पकड़ लिया, जिस के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने उसे सीबीडी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामला दर्ज कर जाँच कर रही है।
रमेश का सच : रमेश ने बताया कि उसका टू बीएचके का एक फ्लैट कोपरखैरणे सेक्टर 19 में था, जिसे उसने रिडेवलपमेंट के लिये वाशी के आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया था। उसी इमारत के कुछ लोगों ने पैसे लेकर अपने फ्लैट का मालिकाना हक आशीष कंस्ट्रक्शन को दे दिया था लेकिन रमेश ने इस शर्त पर अपना घर दिया था कि रिडेवलपमेंट के बाद उसे घर वापस कर दिया जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आशीष कंस्ट्रक्शन मकान लेकर रमेश को बेवकूफ बना रहा था। इसी मामले में पिछले काफी समय से रमेश मनपा के चक्कर लगा रहा है और बार बार उसे आज कल का बहाना करके भेज दिया जाता रहा है। अपना खुद का मकान होने के बावजूद रमेश वाशी में भाडे़ के मकान में रह रहे हैं। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये रमेश ने बताया कि अतिक्रमण अधिकारी सुभाष गायकर ने उसे कई बार बिल्डर से सेंटलमेंट के लिये कह चुके हैं लेकिन उसने मना कर दिया। रमेश ने कहा कि उसे अब कोई आश्वासन नहीं चाहिये, उसे बस अपना मकान चाहिये। मामले की गंभीरता को देखते हुये उपायुक्त जगन्नाथ सिन्नरकर ने सुभाष गायकर को मौके पर ही आदेश दिया कि तीन दिन के अंदर रमेश की समस्या का समाधान किया जाये। उपायुक्त जगन्नाथ सिन्नरकर की पहल के बाद फिलहाल यह मामला शांत पड़ गया है लेकिन पालिका में क्या कुछ चल रहा है इसकी कलई एक बार फिर से खुल गयी है। मनपा अधिकारी किस हद तक भ्रष्ट हो चुके हैं उसका भी एक उदाहरण है ये। अगर इस घटना के बाद भी मनपा प्रशासन सबक नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में पुरस्कार पाकर देशभर में नाम रोशन करने वालर पालिका के चेहरे पर कालिख पुत सकती है।
मुंबई से नागमणि पांडेय की रिपोर्ट.


