मुंबई। जब कोई वृक्ष बड़ा होता है, तो उसकी छाया हर किसी को मिलती है। नौटियाल जी का व्यिक्तत्व भी कुछ ऐसा ही है। उन्होंने सिर्फ उत्तराखंडियों का ही मार्गदर्शन नहीं किया है, बल्कि हर समाज और हर वर्ग के लोगों के दर्द को समझा है। एक पत्रकार के रूप में उनका काम प्रेरणास्पद है। पुरोधा पत्रकार नंदकिशोर नौटियाल के अभिनंदन समारोह में ये विचार व्यक्त किए वरिष्ठ पत्रकार और माधुरी के पूर्व संपादक विनोद तिवारी ने। समारोह के अध्यक्ष के रूप में विनोद जी ने कहा कि नौटियाल जी हम सबके आदर्श हैं। समकालीन पत्रकारिता जगत में उनकी उपस्थिति भीष्मपितामह की तरह ही है। उल्लेखनीय है कि शनिवार ३ नवम्बर २०१२ को हिंदुस्तानी प्रचार सभा, चर्नी रोड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उत्तराखंड की दो दर्जन प्रतिनिधि संस्थाओं ने नौटियालजी का अभिनंदन किया और उनके दीर्धजीवी होने की कामना की। मुख्य अतिथि थे नवभारत टाईम्स, मुंबई के संपादक सुंदर चंद ठाकुर।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बयासी वर्ष की उम्र में भी नौटियाल की जिस ऊर्जा के साथ रचनात्मक रूप से सक्रिय हैं, वह अनुकरणीय है। विशिष्ट अतिथि भुवनेंद्र सिंह बिष्ट और डॉ. योगेश्वर शर्मा ने भी नौटियाल जी के व्यिक्तत्व के कई आयाम सामने रखे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि-पत्रकार हरि मृदुल ने किया। इस अवसर पर कुंवर सिंह पंवार द्वारा नंदकिशोर नौटियाल पर आधारित विशेष परिशिष्ट का लोकार्पण हुआ। इस समारोह का संयोजन पूर्ण मनराल और मोहन सिंह बिष्ट ने किया था। इस मौके पर हीरा सिंह भाकुनी, उत्तम सिंह भौरियाल, डी. के जोशी, केशर सिंह बिष्ट, बलबीर रावत, मदन मोहन गोस्वामी, शांति चतुर्वेदी और हरबंश सिंह बिष्ट जैसी उत्तराखंड प्रवासी समाज की कई नामी हस्तियां मौजूद थीं। इनके अलावा डॉ. सुशीला गुप्ता तथा डॉ. रामसागर सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।


