Vimalendu Singh : ये चौकसी… ये सतर्कता….ये एहतियात…… और ये इंतजामात….शासन की बुजदिली है. निहत्थी और निरीह जनता के सामने सकपकाई है शासन की बंदूक. सफदरजंग से सिंगापुर का सफर….शासन की रहमदिली नहीं, सच को दबाने की साजिश है….कांपते अधरों से निकल रही शोक संवेदनाएं उनका दर्द नहीं, नाकामियों पर परदा डालने की बेशर्म कोशिश है…और आंखों से निकल रहे ये घडियाली आंसू आवाम के उबलते आक्रोश को कम करने का बस एक सेफ्टी वॉल्व है…और… कुछ नहीं.
विमलेंदु सिंह के फेसबुक वॉल से.
Saroj Kumar : प्रण लिजिए…(सड़क पर उतरने से पहले)
1. बेटी के जन्म पर आप खुशियां मनाएंगे
2. बेटियों की परवरिश में भेदभाव नहीं बरतेंगे
3. बेटियों को उनके मनमुताबिक पूरी शिक्षा दिलाएंगे
4. बेटियों को उनके मनमुताबिक पहनावा, सिनेमा, पुरुषमित्रों के साथ घूमने से नहीं रोकेंगे
5. कोई आपकी बेटियों को पहनावे या बाहर घूमने-फिरने-सिनेमा देखने या पुरुष मित्रों के साथ देख ताने मारता है तो बेटी को डांटने की बजाय वैसे लोगों को सबक सिखाएंगे
6. आप भी दूसरों की बेटियों पर ऐसे ताने नहीं मारेंगे
7. बेटियों की शादी आप खुद न तय कर उनके मनमुताबिक पुरुष साथी से करने की आजादी देंगे, भले ही वह किसी जाति-धर्म-वर्ग का हो.
8. ऊपर लिखे काम न करने वाले अपने मित्रों-रिश्तेदारों-पड़ोसियों का बहिष्कार करेंगे…
….पटना हो या दिल्ली अगर आपने ये प्रण ले लिया है…तो फिर निकलिए और केंद्र हो या राज्य सरकार…सरकारों की चूलें हिला दीजिए…(वरना घर बैठ माला जपिए)
सरोज कुमार के फेसबुक वॉल से.


