Manisha Pandey : मेरी मां गैंग रेप की घटना के बाद मुझे लेकर और ज्यादा डरने लगी हैं। दिन-रात फोन करके पूछती रहती हैं कि मैं कहां हूं, घर पहुंची की नहीं। उन्हें इस शहर पर भरोसा नहीं, मर्दों पर तो कतई नहीं। डरी हुई मेरी मां दिन-रात डर में जीती हैं और मुझे भी डराती रहती हैं। लेकिन मैंने और हम सब लड़कियों ने तय किया है कि हम डरेंगे नहीं। न घरों से बाहर निकलना छोड़ेंगे, न अपनी आजादी, न अपना स्पेस। हम अपनी सुरक्षा के हर उपाय करना सीखेंगे, लात लगाना सीखेंगे, जूता चलाना सीखेंगे। लाल मिर्च पाउडर और चाकू अपने साथ लेकर निकलेंगे। लेकिन हिंदुस्तान के शूरवीर हरामियों के आगे सरेंडर नहीं करेंगे।
इंडिया टुडे की फीचर एडिटर मनीषा पांडेय के फेसबुक वॉल से.


