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बदहाल उत्तर प्रदेश, मस्त अखिलेश

“उत्तर प्रदेश की तकदीर में कांटे ही कांटे है, कभी मायावती तो कभी अखिलेश आते हैं” आखिर कब तक उत्तर प्रदेश को झूठे वादों से ये नेता लूटते रहेंगे।मायावती ने जमकर प्रदेश को लूटा, अब समाजवादी पार्टी की सरकार इस वादे के साथ आयी कि पूर्व में की गयी गलतियों को नहीं दोहराया जायेगा और यह वादा स्वयं युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया लेकिन कुछ भी नहीं बदला गुंडों का आतंक, निरंकुश पुलिस, हत्या, लूट, डकैती तो जैसे आम बात हो गयी l कड़कड़ाती ठण्ड में सरकार 13 दिन गर्म हीटरों में दुबकी रही और बाहर ठण्ड से गरीब दम तोड़ता रहा करोड़ों रुपया महोत्सव की गर्मी में उड़ गया, राजधानी लखनऊ से उठकर सैफई आ गयीl कहते है कि “पूत के पांव पालने में” दिखाई देने लगते है वही हाल उत्तर प्रदेश सरकार का है, नौ माह का समय बीत चुका और कुछ भी नहीं बदला, जिस वादे के साथ अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाये थेl

“उत्तर प्रदेश की तकदीर में कांटे ही कांटे है, कभी मायावती तो कभी अखिलेश आते हैं” आखिर कब तक उत्तर प्रदेश को झूठे वादों से ये नेता लूटते रहेंगे।मायावती ने जमकर प्रदेश को लूटा, अब समाजवादी पार्टी की सरकार इस वादे के साथ आयी कि पूर्व में की गयी गलतियों को नहीं दोहराया जायेगा और यह वादा स्वयं युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया लेकिन कुछ भी नहीं बदला गुंडों का आतंक, निरंकुश पुलिस, हत्या, लूट, डकैती तो जैसे आम बात हो गयी l कड़कड़ाती ठण्ड में सरकार 13 दिन गर्म हीटरों में दुबकी रही और बाहर ठण्ड से गरीब दम तोड़ता रहा करोड़ों रुपया महोत्सव की गर्मी में उड़ गया, राजधानी लखनऊ से उठकर सैफई आ गयीl कहते है कि “पूत के पांव पालने में” दिखाई देने लगते है वही हाल उत्तर प्रदेश सरकार का है, नौ माह का समय बीत चुका और कुछ भी नहीं बदला, जिस वादे के साथ अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाये थेl

बदलाव सिर्फ इतना हुआ कि समाजवादी पार्टी के नाम पर लुटेरे सड़कों पर आ गए लक्ष्य 2014 का स्टीकर लगाकर डग्गेमार गाड़ियाँ सड़कों पर दौड़ने लगी, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ही कार्यकर्ता गुर्राने लगते है और तोड़-फोड़ पर उतारू हो जाते हैं। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से लेकर सैफई महोत्सव के कार्यक्रमों तक कई बार ये कार्यकर्ता उग्र हुए और तोड़-फोड़ की वहीं लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी देने का वादा कर रहे हैंl सांसद प्रो. रामगोपाल यादव को कहना पड़ा कि सभी लोग गाड़ियों से स्टीकर हटा लें, उसके बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा, पुलिस बेलगाम हैं। मुख्यमंत्री के जनपद इटावा में तैनात एसएसपी के खौफ से मायावती सरकार में वाहन चोर चोरी की गाड़ियों को खुद थानों में खड़ी कर गए, वही एसएसपी अब अपराध रोकने में असहाय नज़र आते हैंl

अभी 13 दिनों तक सरकार ने सैफई महोत्सव का आयोजन किया जहाँ मंत्रियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं, अर्धनग्न नचनियों व आला अधिकारियों को गर्मी देने के लिए आधा सैकड़ा गैस के हीटर लगाये गए सरकार 13 दिन हीटर की गर्मी में दुबकी रही, करोड़ों रुपया मंत्रिमंडल और आला अधिकारियों की मेहमान नवाजी में लुटा दिया गया और प्रदेश में गरीब सर्दी में दम तोड़ता रहा। इससे आम जनता व  गरीबों को क्या मिला अरे जितने दिन महोत्सव चला उतने दिन गरीबों को सैफई में खाना खिलाते लंगर लगा कर उनमें जो जरूरतमंद दिखता उसको सर्दी से बचने को कम्बल, रजाई आदि देते जो दिल से सरकार और आपकी लम्बी आयु की कामना करता, जिसमें करोड़ों रुपया भी खर्च होता तो सार्थक था, हम भी आते आपका गुणगान करतेl पत्रकारों के नाम पर सैकड़ों कम्बल बाँट डाले भोज भी करा डाला, 13 दिन तक पूरे पंडाल में मेहमानों को कॉफ़ी, मिनरल वाटर निरंतर सर्व किया जाता रहा, कई उड़न खटोले मेहमानों व कलाकारों को लाने में लगे रहे, लोक कला और संस्कृति विभाग दिन रात एक किये रहा। आखिर उस आम जनता को क्या मिला जिसने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को वोट दिया था। बिजली, पानी, सड़क सब कुछ बदहाल क्या सैफई का विकास ही उत्तर प्रदेश का विकास हैl

पूरा प्रदेश हत्या, लूट, चोरी-डकैती, बलात्कार से कराह रहा है। बेलगाम पुलिस अत्याचार करने में जुटी है और मुख्यमंत्री कह रहे है “क्या मैं वर्दी पहन लूं” ऐसे बयान आपकी हताशा को जाहिर करते हैं। आखिर आप युवा हैं, उर्जावान हैं, बदलाव के वादों पर जनता ने सत्ता की चाबी दी है। नौ माह का समय बहुत होता है कुछ भी नहीं बदला पुरानी फिल्म की डबिंग ही देख रही है जनता, कुछ तो बदलो नहीं तो जनता आपको बदल देगी और राजनीति की लम्बी पारी खेलने से वंचित रह जायेंगेl

इटावा से विकास मिश्रा की रिपोर्ट.

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