पिछले लम्बे समय से जनपद में फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आई हुई है। हॉकर, एजेन्ट सभी अपने आपको पत्रकार बताते हैं तथा अपने वाहनों पर गैर कानूनी रूप से प्रेस लिखकर रुतबा तक झाड़ते घूमते हैं। अब तो और भी हद हो गई। जिला मुख्यालय पर प्रिंटिंग प्रेस, कपड़ो के प्रेस करने वाले धोबी ने भी अपने वाहनों पर प्रेस लिखा रखा है। अखबार बांटने वाले हॉकर व अखबार के एजेन्ट प्रेस लिखे वाहन लेकर कानून को ठेंगा दिखा रहे है। मजे की बात तो यह है कि कुछ अखबारो की विज्ञापन एजेन्सी वाले भी मीडिया के ठेकेदार बने हुए हैं।
अब तो चतुर्थ श्रेणी र्कचचारी भी अपने वाहन पर प्रेस लिखकर कानून को ठेंगा दिखा रहे है। दर्जनों वाहन प्रेस लिखे जनपद में सवारी ढ़ो रहे हैं। यातायात पुलिस प्रशासन पंगु बना सब कुछ देख रहा है तथा फर्जी पत्रकारों पर मेहरबान इस कदर बने हुए हैं कि उनके साथ चाय, पानी लेते हैं तथाकथित रूप से वाहन छुड़ाने, जुर्माना कम कराने आदि काम फर्जी पत्रकार कर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि जिनके पास कोई अखबार नहीं है वो भी पत्रकार बना हुआ है।
जनसूचना कार्यालय में बैठकर मौज मस्ती फर्जी पत्रकार कर रहे हैं। उनको पूछा नहीं जाता है कि आप कौन हैं या नहीं। जिसकी इच्छा हुई एक कैमरा व डायरी लेकर चल पड़ते हैं। अपने आपको पत्रकार बताते हैं। झुंझुनू शहर में फर्जी पत्रकारों की संख्या दर्जन भर है वहीं फर्जी प्रेस लिखे वाहनों की संख्या दो दर्जन के करीब है। शहर में कुकरमुत्तों की तरह फर्जी पत्रकारों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राष्ट्रीय जर्नलिस्ट एसोसियेशन के झुंझुनू,जिला अध्यक्ष ओम स्वामी ने पुलिस प्रशासन से एक अभियान चलाकर इन तथाकथित फर्जी पत्रकारों व गैर कानूनी रूप से प्रेस लिखे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।


