: भू अधिग्रहण नीति न बनी तो मानसून सत्र न चलने देगी बसपा : कांग्रेस की किसान महापंचायत पर बिफरी बसपा : महज बीस फीसदी किसानों को घेरे थे कांग्रेस के टिकटार्थी : पार्टी पहले ही तैयार कर चुकी है भूमि अधिग्रहण की नीति- बसपा : लखनऊ: राहुल गांधी की अलीगढ़ में हुई किसान महापंचायत ने मायावती का तन-बदन झुलसा दिया है। बिना प्रशासनिक अनुमति के हुई इस महापंचायत के आयोजन से बिफरी मायावती ने आज इसकी सफलता के दावों को ही झूठा साबित कर दिया।
उनका कहना है कि जब कांग्रेस ने वहां केवल सात हजार कुर्सियों की व्यवस्था की थी, तब एक लाख से ज्यादा किसानों के वहां पहुंचने का दावा कैसे कर दिया गया। उनका दावा है कि इस आयोजन में किसान तो भले ही बीस फीसदी के करीब पहुंचे, लेकिन बाकी सारे लोग वे थे जो कांग्रेस का टिकट चाहते थे। बसपा के मुताबिक यह तो किसानों के साथ धोखेबाजी हो गयी। उनका कहना है कि यह केंद्र ने भूअधिग्रहण नीति नहीं बनायी तो बसपा संसद का मानसून सत्र नहीं चलने देगी।
बसपा ने आज एक बयान जारी करते हुए राहुल गांधी की महापंचायत को नौटंकी बताते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार अनाप-शनाप बयानबाजी कर किसानों को गुमराह करते रहे हैं और यह आयोजन भी उसी क्रम में हुआ। बयान में राहुल गांधी के उस दावे का खंडन किया गया जिसके मुताबिक राहुल गांधी ने किसानों से कहा कि पांच मिनट में भूमि अधिग्रहण की नीति और कानून नहीं बनया जा सकता है। बसपा का सवाल है कि आखिर देश की आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस के इस मसले पर किया ही क्या। केवल धोखा। जबकि बसपा इस बारे में नीति तैयार कर चुकी है। बसपा की अपील है कि राहुल गांधी को प्रदेश में बसपा सरकार की तैयारियों की प्रशंसा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के युवराज इस बारे में अपनी ड्रामाबाजी बंद करें और किसानों को गुमराह न करें। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते केंद्र ने देश में भूमि अधिग्रहण की समान नीति नहीं बनायी तो संसद के अगले मानसून सत्र को नहीं चलने दिया जाएगा।


