मध्य प्रदेश के बालाघाट में पत्रकार संदीप कोठारी को जिंदा जलाने के मामले में नया खुलासा हुआ है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि इस घटना को 3 नहीं बल्कि 7 लोगों ने सुनियोजित साजिश रचकर अंजाम दिया है. पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. 4 आरोपी फरार हैं. मुख्य आरोपी राकेश नर्सवानी की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए के इनाम का एलान किया गया है. पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि घटना में एक नहीं बल्कि दो कारों का इस्तेमाल किया गया था. संदीप को अगवा करने के बाद ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर लेटा दिया गया था. मुख्य आरोपी राकेश नर्सवानी तो इस कदर हैवानियत पर उतर आया था कि वह संदीप की छाती पर ही बैठ गया.
बताया जा रहा है कि नागपुर पहुंचने तक संदीप बेदम हो गया. फिर गिरफ्तार किए आरोपी ब्रजेश डहरवाल के घर से गद्दा लेकर संदीप को उसमें लपेट कर डीजल डालकर संदीप को आग के हवाले कर दिया गया. संदीप कोठारी की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई. संदीप के बालाघाट से कटंगी रवाना होने तक उसकी हर हलचल पर पप्पू उर्फ शाहिद की नजर थीं. उसने बालााघाट जिला मुख्यालय से संदीप की रैकी की थी. वह संदीप को अगवा करने वाले लोगों से निरंतर संपर्क में था. घटना के दिन उसके बालाघाट में होने की तस्दीक भी पुलिस ने कर ली है. इसी आधार पर पुलिस ने पप्पू को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इस मामले में विशाल तांडी व ब्रजेश डहरवाल को सबसे पहले गिरफ्तार किया था. दोनों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि संदीप की हत्या में 7 लोग शामिल थे. पूछताछ में दोनों ने पुलिस को राकेश नर्सवानी के अलावा 4 अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी दे दी थी.
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