साल 2006-07 की बात है… मैं हाईस्कूल या ग्यारहवीं में रहा हूंगा.. अखबार के साथ साथ देश दुनिया में घट रही बातों के लिए तब भी उतना ही जिज्ञासु था.. जितना आज हूं.. अचानक फिरोजाबाद जिले में एक ऐसा SP आता है, जो देखते-देखते लोगों की चर्चा का केंद्र बिंदु बन चुका था.. हर चौराहे, नुक्कड़ पर एक ही नाम अमिताभ ठाकुर.. उसने जिले में हलचल मचा रखी है.. पहला वाकया याद आ रहा है कि अमिताभ ठाकुर ने आते ही देखा कि कचहरी और कलेक्ट्रेट में कई सारे वकील, ठेकेदार और दबंग पिस्टल और राइफल के साथ घूमते दिखाई दे रहे हैं.. पहला आदेश आया कि कल से कोई भी व्यक्ति पिस्टल लगाकर कचहरी और कलेक्ट्रेट में प्रवेश नही कर सकता..
इस खबर ने ही बता दिया कि कोई कप्तान ऐसा आया है, जो औरों से अलग है.. इसके साथ ही जिले में ताबड़तोड़ एनकाउंटर होने लगे और और उन लोगों की सीधे ऊपर के लिए टिकट काटी जाने लगी, जिन पर उगाही, जबरन वसूली, हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर मामले थे.. कुछ महीनों में 8 से 10 एनकाउंटर जितना मुझे याद आ रहा है.. हरेक के होठों पर एक ही नाम कि अमिताभ ठाकुर..क्या SP आया है.. जो गुंडे जेल में थे और बाहर आने के लिए जमानत अर्जी दाखिल कर रहे थे, उन्होंने एनकाउंटर के डर से अपनी अर्जी वापस ले ली.. फिरोजाबाद जिले की प्रमुख मजदूर नेता, जो महिला थीं.उसका बेटा मजदूर नेता से ज्यादा माफिया था, जो चूड़ी व्यापारियों से उगाही करता था.. और उस पर कई मुकदमे दर्ज थे..पुलिस आती है और उसके बेटे को गाड़ी में डालकर ले जाने लगती है..
मामला बढ़ चुका था.. अगर उसकी मां पुलिस की जीप से नहीं लटकती, तो उसका पक्का एनकाउंटर होना तय था.. जिले के आम आदमी, व्यापारी और जो लोग अमनपसंद थे.. उनकी नजरों में अमिताभ ठाकुर किसी रसूल से कम नहीं थे… एक वाकया मुझे और याद आ रहा है कि मेरे पड़ोस में रहने वाले मेरे एक परिचित की शादी शहर में ही थी यानी शिकोहाबाद में… बारात में लोग मस्ती करते हुए गेस्ट हाउस पहुंचने ही वाले थे कि पुलिस की 8-10 गाड़ी से जवान उतरते हैं और लोगों के असलाहों को चैक करने लगते हैं कि इससे गोली चलाई गई है या नहीं.. कुछ शराबी एक छोटे से नाटे कद के व्यक्ति पर अपनी लात उछालते हैं और उसके बाद पुलिस उस बारात में से कई लोगों को मारती है और कई को थाने ले जाती है और उनके असलहों के लाइसेंस चेक करती है..
दरअसल मैं भी उस बारात में था.. इसलिए मुझे ये वाक्या पूरी तरह से याद है.. लेकिन जिस छोटे कद वाले व्यक्ति पर दूल्हे के फूफा जी ने लात उछाली थी.. वो कोई नहीं फिरोजाबाद जिले का तत्कालीन SP अमिताभ ठाकुर थे.. जो रात में 11 बजे के करीब सर्दियों में भी अपनी ड्यूटी निभा रहा थे.. क्योंकि उससे एक दिन पहले रंजिश में एक शादी में हर्ष फायरिंग के बहाने एक फोटोग्राफर को गोली मार दी गई थी.. जिसके बाद कप्तान ने पूरे जिले में शादी ब्याह में हर्ष फायरिंग पर रोक लगा दी थी..
इसके अलावा बहुत से वाकए हैं जिन्हें अगर मैं शेयर करुं, तो शायद आप बोर होने लगें.. और उसके कुछ दिन बाद ये जसराना वाली घटना हो गई थी.. और पहली बार किसी पुलिस कप्तान के लिए जनता सड़कों पर उतरी थी क्योंकि एक अच्छे, ईमानदार और निडर पुलिस कप्तान का तबादला कर दिया गया था.. लेकिन आज एक अच्छा ईमानदार पुलिस अधिकारी समाजवादी पार्टी के लिए सबसे बड़ा सरदर्द बन चुका है..और अपने भ्रष्ट लोगों के बचाव में मुलायम सिंह को अमिताभ ठाकुर को धमकी देनी पड़ रही है…
लेखक Nitin Upadhyay से संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.


