सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों को साफ साफ आदेश दे दिया है कि जिन लोगों ने नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराया है, उनका पैसा ब्याज समेत लौटा दिया जाए. कोर्ट ने फ्लैट के लिए आवेदन करने वालों को कहा है कि अगर उनका बिल्डर पैसा वापस करने से मना करता है तो वे कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं. उच्चतम न्यायालय ने यह बात नोएडा एक्सटेंशन के साबेरी गांव का भूमि अधिग्रहण निरस्त करते हुए अपने आदेश में कही है.
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 जुलाई को अपने आदेश में साबेरी गांव का भूमि अधिग्रहण निरस्त करने के इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया था. अधिग्रहण रद करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगने के बाद लगभग आधा दर्जन बिल्डरों की साबेरी गांव में लांच हुई रिहायशी परियोजनाएं खटाई में पड़ गई हैं. कोर्ट के फैसले के बाद सबसे ज्यादा परेशान वे फ्लैट आवेदक थे जिन्होंने बिल्डरों को भुगतान कर फ्लैट बुक कराए हैं. कोर्ट के स्पष्टीकरण से फ्लैट आवेदकों को पैसा वापस मिलना सुनिश्चित हो गया है.
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी व न्यायमूर्ति ए.के. गांगुली की पीठ ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश सरकार व बिल्डरों की याचिकाएं खारिज करते हुए अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने फ्लैट बुक कराने के लिए बिल्डर को पैसा दिया है वे बिल्डर से ब्याज सहित पैसा वापस पाने के अधिकारी हैं. पीठ ने राज्य सरकार और प्राधिकरण के मनमाने ढंग से भू अधिग्रहण करने पर तीखी टिप्पणियां करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं है कि वे तमाम फ्लैट आवेदकों की परेशानी नहीं समझ रहे, जिन्होंने फ्लैट बुक कराके निवेश कर रखा है. लेकिन इसके साथ ही भू स्वामियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर मनमाने ढंग से अपनी संपत्ति और रोजी रोटी के सहारे से वंचित कर दिया गया.


