Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रदेश

केजरीवाल जी, आशा है ये दोनों कानून जिसे आप 15 दिन में पास न कर सके, 200 दिन में अवश्य पास कर देंगे

आदरणीय श्री अरविंद केजरीवाल जी,

मुख्यमंत्री

दिल्ली

विषय : दिल्ली में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में

श्रद्धेय केजरीवाल जी,

इस पत्र के माध्यम से मै आपका ध्यान दिल्ली में बढ़ रहे भ्रष्टाचार की तरफ आकृष्ट करना चाहता हूँ ! पिछले कुछ दिनों में दिल्ली सरकार के कई कर्मचारी भ्रष्टाचार के आरोप में रंगे हाथ पकड़े गए और कई कर्मचारियो और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खुलासे हुए हैँ इसके साथ -2 दिल्ली के कई विधायको के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर मामले सामने आये हैं!

आदरणीय श्री अरविंद केजरीवाल जी,

मुख्यमंत्री

दिल्ली

विषय : दिल्ली में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में

श्रद्धेय केजरीवाल जी,

इस पत्र के माध्यम से मै आपका ध्यान दिल्ली में बढ़ रहे भ्रष्टाचार की तरफ आकृष्ट करना चाहता हूँ ! पिछले कुछ दिनों में दिल्ली सरकार के कई कर्मचारी भ्रष्टाचार के आरोप में रंगे हाथ पकड़े गए और कई कर्मचारियो और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खुलासे हुए हैँ इसके साथ -2 दिल्ली के कई विधायको के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर मामले सामने आये हैं!

आप तो इस बात से पूरी तरह सहमत होंगे  कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए दो कार्य करना नितांत आवश्यक है ! पहला – भ्रष्ट्राचार विरोधी मजबूत सशक्त लोकायुक्त कानून जिसके अंतर्गत लोकायुक्त को संत्री से मुख्यमंत्री तक सभी के भ्रष्टाचार के मामलों की  जाँच करने का अधिकार हो और एक वर्ष के अंदर सजा का प्रावधान हो और दूसरा – सत्ता का विकेंद्रीकरण अर्थात लोकल बॉडी को अधिक अधिकार !

प्रिय केजरीवाल जी ,

2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए आंदोलन में जनता ने ऐतिहासिक समर्थन दिया, 5 वर्ष पूर्व 16 अगस्त 2011 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अन्ना जी को तिहाड़ जेल में बंद कर दिया था उसके बाद जनता सडकों पर आ गयी थी ! आपकी  स्वयं भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका थी ! जिस कानून को लेकर अन्ना जी ने अनशन किया था उसी कानून को भाजपा के खंडूरी जी ने उत्तराखंड में 2011 में पास किया था ! आप ने स्वयं कई बार सार्वजनिक रूप से खंडूरी जी द्वारा पास किये गए लोकायुक्त कानून को  देश का सबसे मजबूत और प्रभावी लोकायुक्त कानून बताया था  और यह भी कहा था कि यही आपका जनलोकपाल है !

आपने 14-2-14 को जनलोकपाल के बहाने आप  मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर बनारस चले गए थे  और कहा था कि जनलोकपाल के लिए हजार बार मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते है !आप तो कई बार कह चुके है कि दिल्ली का लोकायुक्त कानून बिना दांत का है और इससे चूहा भी नहीं पकड़ा जा सकता है ! दिल्ली विधान सभा चुनाव के पहले आपने सैकड़ो बार कहा था कि बहुमत मिलने पर 15 दिन के अंदर आप जनलोकपाल पास कर देगें ! आपने यह भी कहा था कि जनलोकपाल कानून लागू होने से 80% भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेगा !

माननीय मुख्यमंत्री जी,
14 अगस्त को आपकी सरकार के 180 दिन पूरे हो जायेगें और 16 अगस्त को अन्ना जी की गिरफ़्तारी के 4 वर्ष पूरे हो जायेगें ! दिल्ली में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है ! विधायकों के साथ -2  आपके सचिव और विजिलेंस कमिश्नर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे है  इसलिए आप से विनम्र निवेदन है कि विधानसभा का विशेष शत्र बुलाकर जनलोकपाल या खंडूरी जी द्वारा पास किया गया उत्तराखंड लोकायुक्त कानून को दिल्ली में पास करे !

एक बात और – आप स्वयं मानते  है कि मध्यप्रदेश सरकार का ग्राम स्वराज कानून और नगर स्वराज कानून अन्य के मुकाबले सबसे अच्छा कानून है ! आप की  49 दिनों की सरकार में मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी श्री शरत चन्द्र बहर की अध्यक्षता में दिल्ली  नगर स्वराज बिल बनाया गया था जो विधानसभा सचिवालय के पास है !  आपसे निवेदन है कि जनलोकपाल के साथ जन स्वराज कानून को भी तत्काल दिल्ली में लागू करें !

आशा है कि यह दोनों कानून जिसे आप 15 दिन में पास नहीं कर सके, 200 दिन में अवश्य पास कर देंगे! धन्यवाद और आभारी!

आपका

अश्विनी उपाध्याय
पूर्व में आपिया
वर्तमान में भाजपाई

Ashwani Upadhyay
[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...