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गीतकार शैलेंद्र जयंती आज : मथुरा की एक सड़क का नाम शैलेंद्र के नाम पर रखा गया

मथुरा : हिन्दी फिल्मों को एक से एक नायाब गाने देने वाले गीतकार शैलेन्द्र का मथुरा से गहरा संबंध रहा है और उनके सम्मान में शहर की एक सड़क का नाम उन पर ही रखे जाने की घोषणा की गयी है। मथुरा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता ने एक कार्यक्रम में घोषणा की कि धौलीप्याऊ क्षेत्र के उस मार्ग का नामकरण शैलेन्द्र पर किया जाएगा जहां वह 1930 से लेकर 1946 तक रहा करते थे। उल्लेखनीय है कि गीतकार शैलेंद्र ने अपने बचपन के नायाब साल मथुरा की गलियों में ही बिताए थे। वह सात बरस की उम्र में रावलपिण्डी से अपने पिता के साथ मथुरा आकर बसे थे।

मथुरा : हिन्दी फिल्मों को एक से एक नायाब गाने देने वाले गीतकार शैलेन्द्र का मथुरा से गहरा संबंध रहा है और उनके सम्मान में शहर की एक सड़क का नाम उन पर ही रखे जाने की घोषणा की गयी है। मथुरा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता ने एक कार्यक्रम में घोषणा की कि धौलीप्याऊ क्षेत्र के उस मार्ग का नामकरण शैलेन्द्र पर किया जाएगा जहां वह 1930 से लेकर 1946 तक रहा करते थे। उल्लेखनीय है कि गीतकार शैलेंद्र ने अपने बचपन के नायाब साल मथुरा की गलियों में ही बिताए थे। वह सात बरस की उम्र में रावलपिण्डी से अपने पिता के साथ मथुरा आकर बसे थे।

मथुरा की एक संस्था जन सांस्कृतिक मंच की पहल पर ग्रेटर नोएडा में स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नोलॉजी द्वारा गीतकार शैलेंद्र की स्मृति में आयोजित ‘जीना इसी का नाम है’ कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए शैलेन्द्र के पुत्र दिनेश शंकर शैलेंद्र यहां पहुंचे थे। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. हरिवंश चतुर्वेदी एवं संयोजक डॉ. अशोक बंसल ने बताया कि इस मौके पर मथुरा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता ने धौलीप्याऊ क्षेत्र के उस मार्ग का नामकरण शैलेन्द्र मार्ग करने का ऐलान किया, जिस पर उनका बचपन बीता था। गीतकार शैलेंद्र की 92वीं जयंती (30 अगस्त) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए उनके पुत्र दिनेश ने गद्गद् स्वर में कहा, मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मथुरा के लोग यह जानकर इतने उत्साहित होंगे कि गीतकार शैलेंद्र ने उन्हीं के शहर में रहते हुए बचपन से जवानी तक 16 साल बिताए थे।

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