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मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों में 12 लोग दोषी करार, 1 बरी

 

मुंबई:  2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों पर 9 साल बाद मकोका कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 13 में से 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जबकि 1 आरोपी को बरी कर दिया गया है। 11 जुलाई 2006 को हुए इस बम धमाके में 189 लोग मारे गए थे और 824 लोग घायल हुए थे।

 

मुंबई:  2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों पर 9 साल बाद मकोका कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 13 में से 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जबकि 1 आरोपी को बरी कर दिया गया है। 11 जुलाई 2006 को हुए इस बम धमाके में 189 लोग मारे गए थे और 824 लोग घायल हुए थे।

कोर्ट के बाहर सरकारी वकील राजा ठाकरे ने जानकारी देते हुए बताया कि मकोका के तहत कुल 13 में से 12 आरोपियों को दोषी पाया गया है। जिनकी सजा पर बहस 14 सितंबर को कोर्ट में होगी, उसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने कुल 192 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष द्वारा 51 गवाह पेश किए गए। 

इस आतंकवादी हमले ने न सिर्फ मुंबई को बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। लोकल ट्रेनों में धमाके पहले दर्जे के डिब्बों में रखे गए प्रेशर कुकर बम से कराए गए थे। पहला धमाका दोपहर 4.35 के आसपास हुआ था और थोड़ी ही देर में माटुंगा, बांद्रा, खार, जोगेश्वरी, बोरीवली तथा भायंदर के पास लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार धमाके हुए थे। इस मुद्दे पर 2008 में निर्देशक नीरज पांडे ने ‘अ वेन्ज़डे‘ फिल्म बनाई थी जिसमें नसीरुद्दीन शाह के साथ अनुपम खेर भी मुख्य भूमिका में थे।

 

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