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रत्‍नकुमार सांभरिया को घासीराम वर्मा साहित्‍य पुरस्‍कार

चूरू :  राजस्थान के हिन्दी लेखन को समर्पित वार्षिक घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार इस वर्ष हिन्दी के प्रख्यात कथाकार एवं राजस्थान सूचना जनसंपर्क सेवा के सहायक निदेशक रत्नकुमार सांभरिया को उनकी कथा-कृति ‘खेत तथा अन्य कहानियां’  के लिए दिया जाएगा। स्थानीय प्रयास संस्थान द्वारा राजस्थान के हिन्दी लेखन में उल्लेखनीय कृति के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार सांभरिया को वर्ष 2011 के सितम्बर माह में चूरू जिला मुख्यालय पर आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।

चूरू :  राजस्थान के हिन्दी लेखन को समर्पित वार्षिक घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार इस वर्ष हिन्दी के प्रख्यात कथाकार एवं राजस्थान सूचना जनसंपर्क सेवा के सहायक निदेशक रत्नकुमार सांभरिया को उनकी कथा-कृति ‘खेत तथा अन्य कहानियां’  के लिए दिया जाएगा। स्थानीय प्रयास संस्थान द्वारा राजस्थान के हिन्दी लेखन में उल्लेखनीय कृति के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार सांभरिया को वर्ष 2011 के सितम्बर माह में चूरू जिला मुख्यालय पर आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
प्रयास संस्थान के अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने बताया कि वर्ष 2008 में यह पुरस्कार ‘सितम्बर में रात’  के लिए डॉ. सत्यनारायण, 2009 में ‘कठपुतलियां’  के लिए मनीषा कुलश्रेष्ठ, 2010 में ‘जगह जैसी जगह’  के लिए हेमन्त शेष को दिया जा चुका है। भाड़ावास में 6 जनवरी, 1956 को जन्मे सांभरिया पिछले तीस वर्षों से जयपुर में रहते हुए साहित्य साधना में लगे हैं। उनकी प्रकाशित कृतियों में समाज की नाक, बांग और अन्य लघुकथाएं, हुकम की दुग्गी, काल तथा अन्य कहानियां दलित समाज की कहानियां, मुंशी प्रेमचंद और दलित समाज प्रमुख हैं। सांभरिया को दैनिक नवज्योति कथा सम्मान, कथादेश अखिल भारतीय कहानी सम्मान, राजस्थान पत्रिका सृजनात्मक पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार मिल चुके हैं। संस्थान सचिव कमल शर्मा ने बताया कि सांभरिया को पुरस्कार स्वरूप नगद पांच हजार एक सौ रुपये, शॉल, श्रीफल व मानपत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर संस्थान द्वारा हर वर्ष की भांति स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा।

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