चंडीगढ़ : साढ़े पांच साल के लकी (श्वान) की मौत से शहर के सामाजिक कार्यकर्ता एलके खुराना इन दिनों सदमे में हैं। वे लायंस क्लब के कर्ताधर्ता हैं और समय-समय पर आम लोगों के सरोकारों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। चाहे धोबियों के पुनर्वास की समस्या हो या फिर किसी गरीब गुरबे की कोई समस्या वे हरदम तैयार रहते हैं। अब निजी समस्या को लेकर उन्हें मीडिया के सहयोग की जरूरत है। अपने पत्र में उन्होंने मीडिया के महत्व को बताते हुए कहा है कि लकी कहने को श्वान (कुत्ता) था लेकिन वह उनके परिवार का सदस्य था और वे उसे बेटे की तरह मानते थे।
लकी की मौत के बाद उन्हें परिवार के किसी सदस्य के चले जाने जैसा गम साल रहा है। मौत के बाद उनके परिवार को ही नहीं बल्कि सेक्टर ३० बी में भी मातम पसर गया है। लकी की मौत स्वभाविक नहीं बल्कि उसकी जहर देकर हत्या की गई है। यह आरोप नहीं बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इस बिना पर चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र थाने में खुराना की शिकायत पर डीडीआर भी दर्ज हो गई है। नामजद आरोप के बाद भी पुलिस ने अभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की इस बेरुखी से खुराना बेहद आहत हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर चार दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी शिव कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं की तो थाने का घेराव किया जाएगा।
ध्यान रहे कि यह थाना अक्सर लोगों के विरोध का केंद्र बनता रहा है। लूट, हत्या और मारपीट जैसे आरोपों में पुलिस की कार्रवाई से नाराज लोगों ने इसे घेरा है और असर देखें कि इसके बाद कोई न कोई कार्रवाई जरूर हुई है। उनके मुताबिक १७ जुलाई रात साढ़े नौ बजे के आसपास वे अपने निवास सेक्टर ३० बी के पास लकी को सैर करा रहे थे। उस दौरान परिचित शिवकुमार और तीन चार लोग उसके पास आए। वे अपने श्वान (फीमेल) के मेल के लिए आए थे। खुराना के अनुसार, इस मेल के बाद न जाने क्या हुआ, रात में ही लकी की तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।
अचानक हुई मौत से उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने उसका बाकायदा पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह जहर बताई गई। इसके बाद से खुराना संयत नहीं है। अब उन्होंने इस मामले में लकी को इंसाफ दिलाने के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। उन्हें लोगों का कितना समर्थन है इसका अंदाज इसी बात से लगता है कि बहुत से लोग आगे आए हैं और लकी को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं। लायंस क्लब अब तक सामाजिक मुद्दों को उठाता रहा है लेकिन इस बार श्वान के लिए सक्रिय है। आखिर क्यों न हो श्वान धरती पर सबसे ज्यादा वफादार जानवर है फिर लकी कोई आवारा नहीं बल्कि खुराना के पुत्र जैसा था।
चंडीगढ़ से महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.


