नई दिल्ली: यूपी के अन्य जिलों के मुकाबले वीआईपी जिलों में 24 घंटे बिजली सप्लाई होती है लेकिन इन्हीं जिलों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी भी हो रही है। इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में क्रमश: वाराणसी और आजमगढ़ शीर्ष पर हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के इंटरनल असेसमेंट(आंतरिक मुल्यांकन) रिपोर्ट से मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में लाइन लॉस 43.18% से बढ़कर 50.13% वहीं आजमगढ़ में 56.8% से बढ़कर 63.78% हो गया है। सरकार के प्रयासों के बावजूद भी लाइन लॉस राज्य में 42.12% से बढ़कर 42.74% हो गया है। ये बंदेलखंड के बांदा में लाइन लॉस सबसे ज्यादा बढ़ा है, जो 40.9 फीसदी से बढ़कर 51.89 फीसदी हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा गठित पावर रिफॉर्म प्रपोजल में तय किए गए मानक बेंचमार्क के अनुसार कुल ट्रांसमिशन का लाइन लॉस 15 परसेंट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। प्रदेश की राजधानी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का संसदीय क्षेत्र लखनऊ में भी बिजली चोरी अधिक दर्ज की गई है जो कि 36.33% से बढ़कर 41.06% हो गई है। चौंकाने वाली बात है कि ईमानदार छवि वाले जिले नोएडा में भी बिजली चोरी में वृद्धि दर्ज की है। जो कि पिछले वर्ष के 10.03% से बढ़कर 11.87% हो गई है। पड़ोसी जिले गाजियाबाद में भी बिजली चोरी एक साल में 34.43% से बढ़कर 35.79% हो गई है।
यही हाल उत्तर प्रदेश के की अन्य जिलों का भी है, जहां बिजली चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि मिर्जापुर और गोंडा जिले से राहत भरी खबर है जहां बिजली चोरी में खासी कमी दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में बिजली चोरी मिर्जापुर में 51.33% से घटकर 36.67% और गोंड़ा में 56.15% से घटकर 36.23% हो गई है। विद्युत विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटरी संझय झा का कहना है कि हो रही बिजली की चोरी पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं, और जिन जिलों में लाइन लॉस ज्यादा है उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


