बिहार विधानसभा चुनाव में शराब और पैसों का प्रलोभन देकर वोटरों को प्रभावित करने के औसतन पांच मामले प्रतिदिन दर्ज हो रहे हैं। पिछले दो दिनों में इन मामलों में एक दर्जन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। चुनाव के दिनों में विदेशी के साथ-साथ देशी शराब की भी खपत बढ़ गई है। लिहाजा आयोग ने गांवों में नई-पुरानी भट्ठियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। वहीं उड़न दस्तों, आयकर विभाग और राज्य सर्विलांस टीम ने अब तक 18 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किए हैं।
राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक पूरे बिहार में चार लाख 27 हजार लीटर शराब जब्त की गई है। शराब और रुपये का लालच देकर वोट खरीदने की शिकायतों को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। धनबल और बाहुबल से चुनाव को मुक्त करने के लिए आयोग ने सभी संदिग्ध लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिहार की सीमा नेपाल और बांग्लादेश से लगती है। नेपाल के रास्ते या हवाला के जरिये धनराशि और हथियारों की खेप की आमद को रोकने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी प्रतिदिन इन मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। आयोग को सूचनाएं मिली हैं कि मतदान से ऐन पहले संप्रदायिकता, जातिवाद के मुद्दों को हवा दी जा सकती है। लिहाजा ऐसे तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। स्टार प्रचारकों के भाषणों की वीडियो की रिकार्डिंग कराई जा रही है ताकि जरुरत पड़ने पर जांच में आसानी रहे। नेपाल से अन्य नशीले पदार्थों की आमद की सूचना पर भी कार्रवाई हुई है। आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने नेपाल सीमा और खगड़िया से स्मैक की खेप भी बरामद की है। उड़न दस्तों, आयकर विभाग और राज्य सर्विलांस टीम ने अब तक 18 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किए हैं। जांच के बाद चार करोड़ 86 लाख रुपये छोड़ दिए गए। अब तक लगभग दो लाख रुपये की नेपाली करेंसी भी बरामद की गई है।


