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लखनऊ में बलरामपुर अस्पताल के फार्मासिस्ट ने उर्दू अखबार के फोटो पत्रकार को दी गलत दवा, हालत बिगड़ी, जांच के आदेश

लखनऊ : भ्रष्टाचार और लापरवाही के लिए बदनाम लखनऊ के प्रतिष्ठित बलरामपुर अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है. यहां तैनात फार्मेसिस्ट की लापरवाही भी ऐसी जिससें एक मान्यता प्राप्त पत्रकार की जान खतरें में पड़ गई. ये एक ऐसा अस्पताल है जहां प्रदेश के स्वाथ्य मंत्री ने कई बार औचक निरीक्षण कर सच्चाई खुद देखी और यहां के डाक्टर और कर्मचारियों को खरी खोटी भी सुनाई. कई लोगों के खिलाफ कार्यवाही भी हुई. इतना सब कुछ होने के बाद भी इस अस्पताल के हालात सुधरने का नाम नही ले रहें हैं. पीड़ित पत्रकार ने बलराम पुर अस्पताल के निदेशक डाक्टर प्रमोद कुमार को प्रार्थना पत्र देकर फार्मेसिस्ट द्वारा की गई हरकत की शिकायत की है. निदेशक ने जांच के आदेश देकर तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

लखनऊ : भ्रष्टाचार और लापरवाही के लिए बदनाम लखनऊ के प्रतिष्ठित बलरामपुर अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है. यहां तैनात फार्मेसिस्ट की लापरवाही भी ऐसी जिससें एक मान्यता प्राप्त पत्रकार की जान खतरें में पड़ गई. ये एक ऐसा अस्पताल है जहां प्रदेश के स्वाथ्य मंत्री ने कई बार औचक निरीक्षण कर सच्चाई खुद देखी और यहां के डाक्टर और कर्मचारियों को खरी खोटी भी सुनाई. कई लोगों के खिलाफ कार्यवाही भी हुई. इतना सब कुछ होने के बाद भी इस अस्पताल के हालात सुधरने का नाम नही ले रहें हैं. पीड़ित पत्रकार ने बलराम पुर अस्पताल के निदेशक डाक्टर प्रमोद कुमार को प्रार्थना पत्र देकर फार्मेसिस्ट द्वारा की गई हरकत की शिकायत की है. निदेशक ने जांच के आदेश देकर तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

कैन्ट रोड कैसरबाग़ में अपनें परिवार के साथ रहने वाले आरिफ़ मुकीम एक उर्दू दैनिक समाचार में राज्य स्तर की मान्यता प्राप्त फोटो पत्रकार हैं। श्री0 मुकीम दिल की बिमारी सें पीड़ित हैं। उनका इलाज बलरामपुर अस्पताल के डाक्टर एपी मिश्रा द्वारा चल रहा है। मंगलवार को श्री मुकीम डाक्टर एपी मिश्रा को दिखाने गए थे। उन्होंने मुकीम को दवा लिख कर पर्ची दे दी। मुकीम ने उस पर्ची को एलपी काउन्टर पर तैनात फार्मेसिस्ट एनएल सिंह को दी तो उन्होंने मुकीम को दवा दे दी। दवा लेकर मुकीम चले गए। उन्होंने फार्मेसिस्ट द्वारा दी गई दवा को गुरुवार को जैसे ही खाया तो उनकी तबीयत बिगड़ गई।

तबीयत बिगड़ने के बाद जब परिवार वालों ने फार्मेसिस्ट द्वारा दी गई दवा को चेक किया तो उस दवा में फर्क निकला। फार्मेसिस्ट ने दूसरी दवा दे दी थी। परिजनों ने तत्काल मुकीम को डाक्टर के पास पहुंचाया और उनकी जान बच गई। गलत दवा खाकर परेशानी का शिकार हुए मुकीम ने तबियत सम्भलने के बाद निदेशक को पत्र लिख कर फार्मेसिस्ट की इस हरकत की शिकायत की है। बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डा0 प्रमोद कुमार का कहना है कि मुकीम द्वारा की गई शिकायत पर मैंने उसके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।

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