Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

मनोरंजन

मूर्खता और दिमागी विकलांगता को हास्य समझने वाले इन फूहड़ हास्य सीरियलों से बचिए

Vishnu Nagar : अपवादों को छोड़ दें तो ज्यादातर टीवी चैनलों पर आनेवाले अधिकतर कार्यक्रम फूहड़ होते हैं। फूहड़पन और टीवी का बहुत हद तक चोलीदामन का साथ है। लेकिन अभी मैं बात हास्य सीरियलों की ही करना चाहता हूँ, जो फूहड़ होने के अलावा मूर्खता और दिमागी विकलांगता को हास्य समझते हैं।

Vishnu Nagar : अपवादों को छोड़ दें तो ज्यादातर टीवी चैनलों पर आनेवाले अधिकतर कार्यक्रम फूहड़ होते हैं। फूहड़पन और टीवी का बहुत हद तक चोलीदामन का साथ है। लेकिन अभी मैं बात हास्य सीरियलों की ही करना चाहता हूँ, जो फूहड़ होने के अलावा मूर्खता और दिमागी विकलांगता को हास्य समझते हैं।

ऊपर से उनमें रिकार्डेड हंसी हरदम पेश की जाती है, जो उन्हें और ज्यादा असहनीय और हास्यास्पद बना देती है। रिकार्डेड हंसी सुनाकर ये दर्शक को हंसाना चाहते हैं कि ये इतना हंस रहे हैं तो तुम क्यों नहीं हंस सकते? अरे कुछ बनाओ ऐसा कि मैं अपने आप हँसूं, बनाओ कुछ ऐसा कि तुम मुझे जबर्दस्ती रुलाओ नहीं, मैं खुद रो पड़ूं।

वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार विष्णु नागर के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...