: विधानसभा में विपक्ष का जमकर हंगामा : बर्खास्तगी की मांग को लेकर सपा वेल में पहुंची : एनआरएचएम घोटाले की भी गूंज, विपक्ष का वॉक आउट : लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव के एटा जिले में तिहरे हत्याकांड मामले में कथित भागीदारी को लेकर और एनआरएचएम घोटाले को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। मंत्री अवधपाल सिंह यादव की बर्खास्तगी की मांग को लेकर जहां सपा के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। वहीं एनआरएचएम घोटाले पर दो घंटे से ज्यादा चली चर्चा के बाद सरकार के जवाब से अंसतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॅाकआउट किया।
समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव की बर्खास्तगी की मांग को लेकर वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा सदस्यों के शोर-शराबे और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नप्रहर समाप्त होते ही सपा सदस्यों ने यह मामला आक्रमक ढंग से उठाया और आरोप लगाया कि सरकार अपने मंत्री को हत्या के आरोप से बचाने का प्रयास कर रही है। अध्यक्ष सुखदेव राजभर द्वारा बार-बार कहने के बावजूद सपा सदस्य शांत नहीं हुए और अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही तीस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सपा के मुख्य सचेतक अम्बिका चौधरी ने कहा एटा जिले में हुए तिहरे हत्याकांड में मंत्री, उनके भाई व पुत्र की संलिप्तता है और उन्हे तुरंत मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र में दस जून को हुए इस हत्याकांड के मामले पर रविवार को जिला पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्राथमिकी भी दर्ज की है। सदन में मौजूद मंत्री अवधपाल सिंह ने अपने ऊपर सभी आरोप खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय सपा नेताओं ने साजिश के तहत उनको फंसाया है। नेता विपक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की जिसका संसदीय कार्यमंत्री लाल जी ने विरोध किया। एनआरएचएम घोटाले को लेकर संपूर्ण विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पांच साल में 7 हजार 450 करोड़ का घोटाला हुआ है।
केंद्र से मिली राशि में जमकर कमीशनबाजी हुई है। उन्होंने इस घोटाले के तार सीएम आवास तक जुड़े होने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि एनआरएचएम घोटाले से मिली धनराशि को 6 कालीदास मार्ग से 5 कालीदास मार्ग जो मुख्यमंत्री का आवास है, तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की भी हत्या करा दी गई। श्री यादव ने प्रदेश के कैबिनेट सेक्रेटरी को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक पायलट अधिकारियों को धमकाता है। हरमिंदर राज की आत्महत्या के लिए उन्होंने कैबिनेट सेक्रेटरी को ही जिम्मेदार ठहराया। एनआरएचएम घोटाले पर दो घंटे से ज्यादा चली चर्चा में कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, रालोद के कोकब हमीद, भाजपा के सतीश महाना, सपा के पीके राय, रासपा के आरके चौधरी ने हिस्सा लिया। एनआरएचएम घोटाले को लेकर विपक्ष के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों को संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा ने सिरे से खारिज किया। सरकार के जवाब से अंसतुष्ट संपूर्ण विपक्ष ने वॉक आउट किया। साभार : डेली न्यूज एक्टिविस्ट


