सीमावर्ती बाडमेर जिला मुख्यालय पर 65 वॉ स्वतंत्रता दिवस पर आदर्श स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलेक्टर के हाथों आज राष्ट्र विरोधी गतिविधयों में लिप्त रासुका आरोपी सहित भ्रष्ट लोग सम्मानित होने से आजादी के इस जश्न पर सवालिया निशान लग गया। जिला प्रशासन ने बाडमेर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग पांच दर्जन लोगों को सम्मानित किया हैं। जिसमें खलीफा की बावडी के सरपंच रोशन खान भी शामिल हैं। यह रोशन खान वही हैं जिसे खुफिया तथा सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर रासुका के तहत कार्रवाई कर जेल में डाला था। रोशन खान पर आईएसआई का एजेण्ट होने का भी आरोप हैं।
रोशन खान जब पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के साथ पाकिस्तान हिंगलाज यात्रा पर गया था तब पूरे देश में बवाल मचा था। रोशन खान की गतिविधियों पर तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां नजरें रखती हैं। जब जब सरहद पर राष्ट्र विरोधी गतिवधियों की हलचल होती हैं सबसे पहले रोशन खान को उठाया जाता हैं। जिला प्रशायन द्धारा रासुका के आरोपी को आजादी के मुख्य समारोह में सम्मानित करने पर बवाल मच गया हैं। जबकि खुफिया एजेसी आईबी ने रविवार को ही जिला प्रशासन और राज्य सरकार को रोशन खान की संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहने तथा रासुका में बन्दी रहने के साथ उसकी समस्त रिपोर्ट भेज दी थी।
इधर जिला प्रशासन द्धारा तीस लाख रुपये के गबन के आरोपी बलाउ जाटी ग्राम पंचायत के ग्राम सेवक एगबन के आरोप में इस साल निलम्बित हुऐ विकास अधिकारी चौहटन को सम्मानित करने पर भी सवाल खडे़ हुए हैं। बलाउ जाटी के ग्राम सेवक को सम्मानित करने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन से स्पष्टी करण मांगा हैं। इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत को सम्मानित किया हैं। सरपंच को नहीं। सरपंच रासुका में बन्दी रहा इसको सम्मान के साथ जोड़कर नही देखा जा सकता। पुलिस अधीक्षक संतोष चालके ने बताया कि जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग से रोशन खान के बारे में कोई सत्यापन नही मांगा। ऐसा हुआ हैं तो ये जॉच का विषय है।
बाडमेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट.


