नई दिल्ली : अंतत: सरकार को अन्नागिरी के आगे झुकना ही पड़ा. अन्ना एवं उनके समर्थकों के तेवर से परेशान दिल्ली पुलिस ने बिना किसी शर्त के 15 दिनों के लिए रामलीला मैदान अन्ना को अनशन करने के लिए दे दिया है. 16 अगस्त से पहले शर्त थोपने वाली दिल्ली पुलिस भीगी बिल्ली की तरह बिना शर्त उस मैदान को भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन के लिए सौंप दिया जहां से उसने बाबा रामदेव के समर्थकों को भगाया था.
अन्ना की गिरफ्तारी के बाद बैकफुट पर आई सरकार और दिल्ली पुलिस अन्ना के तिहाड़ से बाहर न निकलने के ऐलान से हिल गई थी. आनन-फानन में सरकार के रणनीतिकारों के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने अपनी खाल बचाते हुए अन्ना एवं उनके समर्थकों को रामलीला मैदान 15 दिन के लिए सौंप दिया. हालांकि इसके पहले खबर आ रही थी कि दिल्ली पुलिस पांच दिन के लिए रामलीला मैदान देना चाहती थी, परन्तु अन्ना बिना किसी शर्त अनशन की बात पर अड़े रहे.
खबर है कि अन्ना पूरे 31 दिनों तक अनशन की बात पर अड़े रहे, परन्तु धीरे धीरे पुलिस ने उन्हें पन्द्रह दिनों के लिए अनशन की इजाजत दे दी, वो भी बिना शर्त. इस बीच देर रात तक अफवाह उड़ती रही कि अन्ना की तबीयत खराब है. हालांकि सूत्रों ने बताया कि दरअसल जेल प्रशासन अन्ना की बीमारी का बहाना बनाकर उन्हें जेल से हटाना चाहता था, लेकिन समर्थकों ने ऐसा नहीं होने दिया, जिसके चलते हर बार एंबुलेंस को बैरंग वापस लौटना पड़ा.
अन्ना दोपहर बाद तिहाड़ जेल से निकलकर रामलीला मैदान जाएंगे तथा वहां अपना अनशन जारी रखेंगे. इसके लिए रामलीला मैदान को प्रशासन की ओर से ठीक कराया जा रहा है. तिहाड़ से भेजे जाने से पहले अन्ना का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा. अन्ना के सैकड़ों समर्थक तिहाड़ जेल के बार खड़े हैं तथा उनके बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं. धीरे धीरे अन्ना समर्थक रामलीला मैदान पर भी जुटना शुरू कर दिया है.


