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आज़मगढ़ में अन्ना के समर्थन में बनी मानव श्रृंखला

आजमगढ़ : अन्ना हजारे के समर्थन में आज़मगढ़ की जनता ने एक मिशाल कायम की हैं. शुक्रवार को शहर में एक कोने से दूसरे कोने तक मानव श्रृंखला में लोगों ने सहभागिता कर आज़मगढ़ की एक नई तस्वीर पेश की हैं. १५ मिनट देश के नाम करने के किये पूरा शहर रुक गया. जो जहां था वो वहीं लोगों का हाथ थामता चला गया. घर -दुकान छोड़ लोग सड़कों पर आ गये और एक दूसरे का हाथ थामते चले गए. आजाद भारत में पहली बार जनपद में इस तरह किसी एक मुद्दे पर आम आदमी की एक जुटता देखने को मिली हैं.

आजमगढ़ : अन्ना हजारे के समर्थन में आज़मगढ़ की जनता ने एक मिशाल कायम की हैं. शुक्रवार को शहर में एक कोने से दूसरे कोने तक मानव श्रृंखला में लोगों ने सहभागिता कर आज़मगढ़ की एक नई तस्वीर पेश की हैं. १५ मिनट देश के नाम करने के किये पूरा शहर रुक गया. जो जहां था वो वहीं लोगों का हाथ थामता चला गया. घर -दुकान छोड़ लोग सड़कों पर आ गये और एक दूसरे का हाथ थामते चले गए. आजाद भारत में पहली बार जनपद में इस तरह किसी एक मुद्दे पर आम आदमी की एक जुटता देखने को मिली हैं.
न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप सिंह कहते हैं कि आज़मगढ़ की जनता ने आज दिखा दिया हैं कि वो देश के लिए एक आवाज़ रखती हैं. २४ घंटे पहले शहर के कुछ नौजवानों ने अन्ना हजारे के अभियान का समर्थन करने के लिए मानव श्रृंखला बनाने की सोची. इसके लिए मोबाइल एसएमएस, व्यक्तिगत संपर्क और प्रिंट मीडिया का सहारा ले कर लोगों को दिन में १.५५ से २.१० तक मानव श्रृंखला बनाने की अपील की गयी. बिना किसी संगठन के कार्यक्रम में जिस तरीके से लोग जुटते गए वो चौंकाने वाली बात रही. जैसे ही १.५५ का समय हुआ लोग जहां थे,  वहीं काम बंद कर हाथ पकड़ना शुरू कर दिया और देखते-देखते  एक लम्बी मानव श्रृंखला बन गयी. हर्रा की चुंगी, रोडवेज, कचहरी, चौक, स्टेडियम, बिलरिया की चुंगी, कोट मोहल्ला, काली जी का चौरा आदि स्थानों पर विभिन्न संगठनों के लोगों ने जुट कर अन्ना का समर्थन किया.

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