बाड़मेर। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर महावीर नगर में सिटी सेंटर योजना के लिए जिला प्रसाशन ने सारे कायदे कानून ताक में रख नियमों के विरुद्ध निर्माण में सहयोग दे रहा है। सिटी सेंटर द्वारा नगर पालिका बाड़मेर से व्यावसायिक भू खंड ख़रीदा था जिस पर सिटी सेन्टर द्वारा १३ मंजिला भवन निर्माण की स्वीकृति पालिका से मांगी थी, मगर बाड़मेर में पांच मंजिल से ज्यादा स्वीकृति नहीं दी जा रही। ऐसे में सिटी सेंटर को आज तक पांच मंजिला से अधिक निर्माण की स्वीकृति जारी नहीं की।
इसके बावजूद योजना के मालिकों की जिला प्रशासन के आला अधिकारी से घनिष्ठ मित्रता के चलते १३ मंजिल का व्यावसायिक और आवासीय निर्माण जारी है, जबकि इस को व्यावसायिक से आवासीय में रूपांतरण नहीं कराया गया है, साथ ही पांच मंजिल से अधिक अवैध निर्माण को ले लकर वायु सेना उतर्लाई ने भी आपत्ति दर्ज कराई है कि वायु यान के नियमित उड़ानों की सुरक्षा के लिए बहुमंजिला इमारत खतरा साबित हो सकती है, यह बहुमंजिला इमारत वायु सेना के प्रतिबंधित दायरे में आती है। जिला प्रशासन से वायु सेना की आपत्ति को भी नज़र अंदाज़ कर दिया।
बहरहाल भू माफिया को जिला प्रशासन द्वारा दी जा रही शह के कारण राज्य सरकार की छवि ना केवल प्रभावित हो रही है, अपितु भू माफियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं.सिटी सेंटर योजना में हर कार्य अवैध होने के बावजूद प्रशासन चुप है. नगर पालिका के सहायक अभियंता छगन लाल खत्री ने इस सम्बन्ध में बताया कि सामरिक दृष्टि से बाड़मेर में वायु सेना के निर्धारित दायरे में पांच मंजिला से अधिक भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं दी जा सकती. सिटी सेन्टर को भी पांच मंजिला भवन तक की स्वीकृति दी गई है।
बाड़मेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट.


