कासगंज- कांशीरामनगर : जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एक पीड़ित किशोरी ने जमकर हंगामा काटा। पीड़िता अनुपम ठाकुर का आरोप था कि वह मृतक आश्रित हैं। उसे नौकरी दिलाए जाने के नाम पर बीएसए आफिस में तैनात क्लर्क नितिन शाक्य के द्वारा तीस हजार रुपए ले लिए गए, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई गई। उसने बताया कि वह अपनी बूढ़ी मां संतोषी देवी के साथ गांव रिजौला में रहती है। उसके पास आय का कोई अन्य साधन भी नहीं है।
पिता महेश चन्द्र की चार वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। जो कि जूनियर हाईस्कूल रिजौला तहसील पटियाली जनपद कांशीरामनगर में अध्यापयन का कार्य करते थे। अनुपम ने उनकी मृत्यु के बाद से ही बीएसए कार्यालय के चक्कर काटने शुरु कर दिए। बीएसए व अन्य माध्यमों से वह शिकायत करती रही, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए दस माह पूर्व क्लर्क ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीस हजार रुपए ले लिए। इसके बाद नौकरी न मिलने पर पीड़िता ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा काटा और क्लर्क पर आरोपों की झड़ी लगा दी। किशोरी अपने पैसों की मांग करती रही। नतीजा यह रहा कि किशोरी के मौजूद रहने तक क्लर्क आफिस ही नहीं पहुंचा। युवती ने इस कदर हंगामा काटा कि बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम एकत्रित नजर आया। लोगों का यह भी कहना था कि कहीं यह अन्ना की आंधी का असर तो नहीं?
कांशीराम नगर से विपिन शर्मा की रिपोर्ट.


