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प्रताड़ित पाक हिन्दू ने कहा, भारत से जबरन भेजा गया तो आत्महत्या कर लूंगा

: पाक डाक्टर का वीजा अवधि पूरी, पुलिस जबरन भेजना चाहती है पाकिस्तान : जोधपुर। पाकिस्तान में प्रताड़ना से दुखी होकर धार्मिक वीजा लेकर आए मीरपुर खास के डाक्टर गोपाल की वीजा अवधि पूरी हो चुकी है। पुलिस व खुफिया एजेंसियां उन्हें वापस पाकिस्तान भेजना चाहती हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे जबरदस्ती भेजने का प्रयास किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे। उनका कहना है कि मैं पाक में प्रताड़ना से दुखी होकर भारत में ही बसने के इरादे से आया था। वहां मेरी जान को खतरा है। इस वजह से मैंने वीजा बढ़ाने का आवेदन कर दिया। गोपाल के वीजा बढ़ाने का मामला गृह मंत्रालय में लंबित है।

: पाक डाक्टर का वीजा अवधि पूरी, पुलिस जबरन भेजना चाहती है पाकिस्तान : जोधपुर। पाकिस्तान में प्रताड़ना से दुखी होकर धार्मिक वीजा लेकर आए मीरपुर खास के डाक्टर गोपाल की वीजा अवधि पूरी हो चुकी है। पुलिस व खुफिया एजेंसियां उन्हें वापस पाकिस्तान भेजना चाहती हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे जबरदस्ती भेजने का प्रयास किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे। उनका कहना है कि मैं पाक में प्रताड़ना से दुखी होकर भारत में ही बसने के इरादे से आया था। वहां मेरी जान को खतरा है। इस वजह से मैंने वीजा बढ़ाने का आवेदन कर दिया। गोपाल के वीजा बढ़ाने का मामला गृह मंत्रालय में लंबित है।

एमबीबीएस करने के बाद मीरपुर खास में ही क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर गोपाल ने शनिवार को गृहमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि हिंदू होने की वजह से उन्हें लंबे समय से वहां काफी प्रताड़ित किया जा रहा था। इस वजह से जोधपुर में बसना चाहते थे, लेकिन उन्हें टूरिस्ट वीजा नहीं मिल पाया। इस पर उन्हें धार्मिक वीजा लेकर जोधपुर आना पड़ा। वे 27 मई को वहां से रवाना होकर जोधपुर पहुंचे। उन्हें 26 जून को वापस पाकिस्तान लौटना था, मगर उन्होंने 24 जून को भारत में स्थाई रूप से बसने के इरादे से वीजा बढ़ाने के लिए आवेदन कर दिया। कलेक्टर के माध्यम से भेजे गए इस आवेदन को गृह मंत्रालय ने एक बार इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि धार्मिक वीजा बढ़ाने पर प्रतिबंध है।

इस पर उन्होंने फिर कलेक्टर से मिलकर दुबारा आवेदन किया है और बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने की वजह से उनकी जान को खतरा है और मैं और मेरा परिवार वहां सुरक्षित नहीं रह सकता है। गोपाल ने बताया कि पाकिस्तान में वह अपना सब कुछ नीलाम कर सुकून व इज्जत की जिंदगी गुजारने के लिए यहां आए हैं। वहां न हिंदू महिलाओं की इज्जत सुरक्षित है और ना पुरुषों के लिए कमाना आसान है। अगर यहां की पुलिस और सीआईडी ने मुझे जबरन वापस भेजने का प्रयास किया तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। इधर पुलिस व सीआईडी उलझन में है कि आखिर वीजा अवधि खत्म होने के बाद गोपाल व उसके परिवार को कैसे यहां रहने दिया जाए?

जोधपुर से चंदन भाटी की रिपोर्ट

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