मदन मोहन सोनी – आगरा
ताजनगरी आगरा में बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय हत्याकांड के 15 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक आरोपी पत्नी प्रियंका रावत उपाध्याय अब तक गिरफ्तार नहीं हो सकी है। सचिन के परिवार वाले अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे हैं। इस मामले पर आगरा पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में मृतक की पत्नी और साला आरोपी पाया गया है कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत भी आरोपी है। पुलिस ने आरोपी साले कृष्णा रावत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पत्नी की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बता दें कि आगरा शहर के रामरघु एग्जॉटिका कॉलोनी, ताजगंज के निवासी सचिन उपाध्याय की पिछले 11 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। 12 अक्टूबर को पुलिस को आत्महत्या की सूचना दी गई थी लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी। मौत गला घोंटने से हुई थी। आगरा पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया और मृतक सचिन की पत्नी प्रियंका के साथ ही साले कृष्णा रावत, ससुर बृजेंद्र सिंह रावत को नामजद अभियुक्त बनाया। साला कृष्णा रावत तो पकड़ा गया पर पत्नी और ससुर फरार हैं।
क्राइम सीन दोहराया जाएग
आगरा के डीसीपी सिटी सूरज राय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पत्नी प्रियंका को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया गया था लेकिन वो पुलिस के सामने नहीं आई है। आरोपी ससुर बृजेंद्र सिंह रावत की तलाश भी जारी है। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने की तैयारी है। गैर जमानती वारंट भी निकाला जारगा। विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भी पत्र लिखा गया है। क्राइम सीन को दोहराया जाएगा। इससे भी अहम सबूत हासिल होंगें।
वहीं मृतक सचिन के पिता केशव देव शर्मा का कहना है कि पुलिस बड़े से बड़े अपराधियों को दबोच लेती है लेकिन उनके बेटे के हत्यारों को अब तक पुलिस नहीं पकड़ पाई है। घटना को 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। पहले तो पुलिस ने मुकदमा लिखने में देरी की और अब आरोपियों को गिरफ्तार करने में देरी की जा रही है। आरोपियों को बचने और साक्ष्य छुपाने का मौका मिल रहा है।
उधर, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उनके परिवार को फंसाया जा रहा है। उनके साथ साजिश की जा रही है। वह जल्द ही अधिकारियों से मिलकर प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग करेंगे। दामाद से कोई विवाद नहीं था। गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। वह बेटी को इलाज करा रहे हैं। वह पति की मौत से गहरे सदमे में हैं।


