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कुमार अजय को बसंती देवी धानुका युवा साहित्यकार पुरस्कार

चूरू, 4 सितंबर। राजस्थानी भाषा का प्रतिष्ठित श्रीमती बसंती देवी युवा साहित्यकार पुरस्कार – 2011 युवा कवि एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी कुमार अजय को प्रदान किया गया है। शनिवार को फतेहपुर शेखावाटी के पंचवटी उद्यान में आयोजित समारोह में भारत सरकार की साहित्य अकादेमी से प्रकाशित राजस्थानी कविता पुस्तक ‘संजीवणी’ के लिए उन्हें पुरस्कार स्वरूप ग्यारह हजार रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रमाण पत्रा एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। धानुका सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद सांवर शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और यह प्रसन्नता का विषय है कि वर्तमान में एक से बढकर एक युवा रचनाकार अपना सृजन लेकर साहित्य क्षेत्रा में दस्तक दे रहे हैं।

चूरू, 4 सितंबर। राजस्थानी भाषा का प्रतिष्ठित श्रीमती बसंती देवी युवा साहित्यकार पुरस्कार – 2011 युवा कवि एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी कुमार अजय को प्रदान किया गया है। शनिवार को फतेहपुर शेखावाटी के पंचवटी उद्यान में आयोजित समारोह में भारत सरकार की साहित्य अकादेमी से प्रकाशित राजस्थानी कविता पुस्तक ‘संजीवणी’ के लिए उन्हें पुरस्कार स्वरूप ग्यारह हजार रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रमाण पत्रा एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। धानुका सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद सांवर शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और यह प्रसन्नता का विषय है कि वर्तमान में एक से बढकर एक युवा रचनाकार अपना सृजन लेकर साहित्य क्षेत्रा में दस्तक दे रहे हैं।

उन्होंने कुमार अजय की रचनाओं की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उनकी कलम से और बेहतर रचनाएं लिखी जाएंगी। समारोह में सूरतगढ के सतीश छिंपा को वर्ष 2010 के लिए उनकी ‘डांडी सूं अणजाण’ पुस्तक के लिए श्रीमती बंसती देवी धानुका युवा साहित्यकार पुरस्कार प्रदान किया गया। पूर्व जिला प्रमुख सांवर मल मोर, साहित्यकार बैजनाथ पंवार, भामाशाह राधेश्याम धानुका, शंभूप्रसाद खेड़वाल, केसरी कांत केसरी समारोह के विशिष्ट अतिथि थे।

इस दौरान आयोजित काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि भंवर सिंह सामौर, गजानन वर्मा, रामगोपाल शास्त्री, सत्यनारायण इंदौरिया, काशीराम शास्त्री, गोविंद गहलोत, सुनीता भड़िया, संजना, श्याम उपाध्याय, कपिल देवराज आर्य आदि ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। ट्रस्टी नरेंद्र धानुका ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की जानकारी दी। समारोह का संचालन डॉ चेतन स्वामी ने किया। इस मौके पर बेणी प्रसाद भाटी, नलिन सर्राफ मुंबई, पुरूषोत्तम धानुका,  साहित्य संसद के शिशुपाल सिंह नारसरा, शंकर झकनाड़िया, दुलाराम सहारण सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं नागरिक उपस्थित थे।

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