नई दिल्ली : पी. चिदंबरम के बचाव के मामले में कांग्रेस पूरी तरह से बैकफुट पर है. प्रणब मुखर्जी के उस नोट ने ज़रूरी तूफान मचा दिया है. बीजेपी ने पी चिदंबरम के 2जी मामले में कथित रूप से शामिल होने की बात को राजनीति और मीडिया के एजेंडे पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. हर संभावित मंच पर आज बीजेपी ने पी चिदंबरम के मामले को परवान चढाने की कोशिश की लेकिन कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी के पास मामले में तकनीकी तौर पर बचाव करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था. कांग्रेस प्रवक्ता लगभग गिड़गिड़ाते हुए बोले कि बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस की मुसीबत में उसे परेशान करने का अभियान शुरू कर दिया है जो ठीक नहीं है.
बीजेपी ने पी चिदंबरम के मामले में पूरी तरह से हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि 2जी मामले में प्रधानमंत्री की हर बात को नहीं माना जा सकता क्योंकि उन्होंने पहले तो ए राजा को भी निर्दोष बताया था लकिन बाद में उनकी सरकार की एजेंसियों ने जांच में उन्हें घोटाले में लिप्त पाया और आजकल वे जेल में हैं. बीजेपी का दावा है कि 2जी घोटाला देश का सबसे बड़ा घोटाला है और उसकी पारदर्शी जांच ज़रूरी है. बीजेपी के प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कल पार्टी मुख्यालय की अपनी नियमित ब्रीफिंग में कहा कि पी चिदंबरम को क्या इसलिए बचाया जा रहा है कि कहीं 2जी घोटाले की जांच की लपटें प्रधानमंत्री कार्यालय तक न पंहुच जाएँ. इस ब्रीफिंग में बीजेपी प्रवक्ता ने सीबीआई की भूमिका को भी विवाद के दायरे में लेने की कोशिश की. बीजेपी ने प्रधानमंत्री से मांग की कि पी चिदंबरम को क्लीन चिट देने से बात ख़त्म नहीं हो जायेगी. उन्हें चाहिए वे चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई करे. मामले को कोर्ट में बता कर बचने की सरकार की कोशिश अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है और इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा.
कांग्रेस प्रवक्ता के पास बीजेपी के आरोपों का कोई जवाब नहीं था. कल कांग्रेस के तरफ से मोर्चा संभाल रहे मनीष तिवारी ने बीजेपी के राज के दौरान हुए दूरसंचार घोटालों का बार बार उल्लेख किया और दावा किया कि मौजूदा 2जी घोटाले के बीज अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए लाई गयी दूरसंचार पालिसी १९९९ में मौजूद थे. उन्होंने साफ़ कहा कि एनडीए सरकार के दौरान भी दूरसंचार पालिसी का बार-बार उल्लंघन हुआ. उन्होंने कहा कि बीजेपी को चाहिए कि अपने गिरेबान में झाँक कर देखे और उसके बाद कांग्रेस की आलोचना करे. जब उनको बताया गया कि जब ए राजा की अगुवाई में 2जी घोटाला हो रहा था उसी दौर में वित्त मंत्रालय ने आपत्ति की थी. क्या कारण है कि उस वक्त के वित्त मंत्री ने नौकरशाही के आदेश को ओवररूल करके ए राजा को घोटाला करने दिया, तो कांग्रेस प्रवक्ता ने फिर वही संयुक्त संसदीय समिति के अंदर विचार
होने की बात करके मामले को टालने की कोशिश की. जब पूछा गया कि तो क्या आप यह कहना चाहते हैं कि जब तक संयुक्त संसदीय समिति की जांच के नतीजे न आ जाएँ तब तक इस मामले में कोई खबर न लिखी जाए तो वे मामले को और भी बहुत लम्बे दायरे में घेरकर पेश करने की कोशिश करते नज़र आये.
वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार शेष नारायण सिंह की रिपोर्ट.


