जौनपुर के सांसद धनंजय सिंह और बदायूं के बिल्सी से विधायक योगेन्द्र सागर को निलंबित करने के बाद भी बसपा में निलंबन की कार्रवाई रूकी नहीं है. पार्टी ने मेरठ से विधायक हाजी याकूब कुरैशी को निलंबित और घोसी के पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान को निष्काषित कर दिया गया है. दोनों लोगों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए यह कार्रवाई की गई है. बालकृष्ण को राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है. कुरैशी 2007 में विधान सभा चुनाव के बाद अपनी पार्टी का विलय बसपा में कर लिया था.
बसपा विधायक हाजी याकूब कुरैशी पर सिख समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप है. धनंजय सिंह की तरह हाजी याकूब के लिए भी पार्टी ने फरमान जारी किया है कि इन्हें किसी भी कार्यक्रम में न बुलाया जाए. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तथा प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि मेरठ के अत्याधुनिक स्लाटर हाउस के शिलान्यास पर विधायक हाजी याकूब ने सिख समुदाय के लोगों के खिलाफ गैर-जरूरी तथा आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने याकूब को तत्काल पार्टी से निलंबित कर दिया है. दूसरी तरफ राज्यसभा सांसद जुगल किशोर ने बताया कि बालकृष्ण चौहान को पार्टी हितों को नजरअंदाज करने तथा पार्टी के कार्यों में रूचि न लेने के आरोप में निष्काषित कर दिया गया है.


