मुम्बई-महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि वे इस प्रकार का दावा करने की हालत में नहीं हैं कि देश की वित्तीय राजधानी में आगे चलकर कभी कोई और धमाका नहीं होगा। हालांकि सरकार हरचंद कोशिश कर रही है कि मुम्बई फिर से धमाकों से न दहले। न्यूज 24 की प्रधान सम्पादक सुश्री अनुराधा प्रसाद के साथ उनके साप्ताहिक कार्यक्रम ‘आमने–सामने’ में सवालों की बौछार को झेलते हुए उन्होंने साफ किया कि यह मुमकिन नहीं है कि हरेक इंसान की छानबीन की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि धमाकों से मुम्बईकर भयभीत हो गए हैं। पर मुम्बई पुलिस ने 26/11 की भयावह घटना के बाद बहुत से सबक ले लिए हैं। अब वो किसी भी आतंकी घटना का मुकाबला करने के लिहाज से पहले से कहीं अधिक बेहतर स्थिति में है।
‘क्या यह सच्चाई नहीं है कि मुम्बई पुलिस के आला अफसर मिल-जुलकर आंतकी संगठनों से नहीं लड़ रहे? एटीएस और क्राइम ब्रांच के बीच किसी तरह का तालमेल भी नहीं है?’ चव्हाण इन आरोपों को खारिज करते हुए कहते हैं कि एटीएस और क्राइम ब्रांच मिल-जुलकर अपन दायित्वों का निर्वाह कर रहे हैं। अगर यह बात नहीं होती तो पत्रकार जे.डे हत्याकांड की गुत्थी को जल्दी ही नहीं सुलझा लिया जाता।
‘आपको लेकर एक राय यह बन रही है कि आप लम्बे समय तक फाइलों को क्लीयर नहीं करते और तो और आपके इधर कैबिनेट की बैठकें भी बहुत कम होती है…’ चव्हाण ने कहा कि उनके खिलाफ इस तरह का मिथ्या प्रचार वे तत्व कर रहे हैं जिनके हितों को उनके कारण कुठाराघात हो रहा है। इस बारे में आरटीआई के माध्यम से सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है। “मेरा फोकस महिलाओं, अल्पसंख्यकों और दलितों से जुड़े मुद्दे और कार्यक्रम हैं। इसके साथ ही मेरा फोकस उन योजनाओं को लेकर भी रहता है जिनसे प्रदेश की जनता को लाभ हो।
‘क्या आप अपनी उस राय पर कायम हैं, जब आपने कहा था कि बेहतर होता कि प्रदेश के गृह विभाग का जिम्मा कांग्रेस के पास होता…’ “मेरी उस राय को मीडिया ने बहुत तवज्जो दी थी। मैं अपनी उसी राय पर कायम हूं। पर मौजूदा व्यवस्था तब से चल रही है जब से कांग्रेस-एनसीपी महाराष्ट्र में मिली-जुली सरकार चला रहे हैं। क्या आप कभी सोच सकते हैं कि केन्द्र में मनमोहन सिहं की सरकार में गृहमंत्रालय का जिम्मा कांग्रेस के पास न हो।‘’
‘मुख्यमंत्री जी, इस तरह की भी अफवाहें हैं कि आपकी ही पार्टी के कुछ नेता, जिनमें एक पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल है, आपके रास्ते में तमाम अवरोध खड़े कर रहे हैं…’ अपनी पार्टी के किसी नेता पर टिप्पणी करने से बचते हुए चव्हाण कहने लगे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुराड़ी सम्मेलन में इस बात जोर दिया था कि विवेकाधीन संस्कृति पर रोक लगे। सरकारें अधिक से अधिक पारदर्शी तरीके से काम करें। वे तो उनके संदेश का पालन करने की पूरी ईमानदारी से चेष्टा कर रहे हैं। उनके लिए किसी निजी व्यक्ति के काम को करने से कहीं अधिक अहम है उस कार्य को करना जिससे समाज को लाभ हो।
‘मुम्बई अब एनओसी शहर में तब्दील हो गया। आप यहां के सूरते हाल को सुधारने के लिए सिटीजन चार्टर को लागू क्यों नहीं करते?’ चव्हाण ने बताया कि उनके यहां सिटीजन चार्टर पहले से ही लागू है। दिल्ली से पहले सूचना के अधिकार का कानून लागू हो चुका है। लोकायुक्त भी है, पर इसे और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
‘क्या मिली-जुली सरकार में काम करना और फैसले लेना कठिन होता है?’ चव्हाण ने बड़ी ही बेबाकी से माना कि मिली-जुली सरकार में काम करना तो कठिन होता है। पर मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए देखा है कि किस तरह से काम होता है मिली-जुली सरकार को चलाते हुए। आंध्र में एक जमाने में वाईएस रेड्डी और उत्तर प्रदेश में मायावती अपने स्तर पर फैसले लेते हैं।
‘आप उस जमाने में पीएमओ में थे जब मुख्य सतर्कता आयुक्त थामस की नियुक्ति को लेकर तगड़ा विवाद खड़ा हो गया था …’ चव्हाण ने कहा कि वो सारा विवाद इस लिए खड़ा हुआ क्योंकि थामस का जो बायोडाटा हमें मिला, उसमें उनके खिलाफ चल रहे केस का कहीं जिक्र नहीं था।
‘वर्षा को लेकर कहा जाता है कि इसमें कोई भी लम्बे समय तक नहीं रहता वास्तु दोष के चलते…’ इस सवाल पर बिना विचलित हुए पृथ्वी राज चौहान कहने लगे वे विज्ञान के विद्यार्थी होने के चलते इन बातों में यकीन नहीं करते। पर उन्हें यह पद सोनिया गांधी ने दिया है। आमने-सामने में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ साक्षात्कार को आप आगामी शनिवार (1 अक्तूबर) और रविवार (2 अक्तूबर) को रात 8.30 बजे न्यूज 24 पर देख सकते हैं। प्रेस रिलीज


