नाटकों में रुचि रखने वालों के लिये एक अच्छी खबर यह है कि भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) का राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी दिसंबर माह में भिलाई में होने जा रहा है। सांस्कृतिक विविधता व बहुभाषी नागरिकों की बहुलता के कारण भिलाई को एक छोटा-मोटा भारत कहा जाता है और इसी का लाभ उठाते हुए आयोजन समिति ने एक ही समय में बहुत सारी भाषाओं के नाटक अलग-अलग स्थानों पर करने का मंचित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत बंगाल के कलाकारों के नाटक सेक्टर-6 के कालीबाड़ी में, केरल के नाटक सेक्टर-6 के ही मलयाली ग्रंथशाला परिसर में व मराठी नाटक सेक्टर -4 के महाराष्ट्र मंडल में तथा हिंदी समेत अन्य भाषाओं के नाटक सेक्टर-1 स्थित नेहरू सांस्कृतिक भवन में खेले जायेंगे।
आयोजन समिति के मुताबिक सम्मेलन के उद्घाटन के लिये कुछ बड़े नामों पर चर्चा चल रही है और स्वीकृति हासिल हो जाने के बाद ही उनके नाम को सार्वजनिक किया जा सकेगा। मेजबान होने के नाते फिलहाल भिलाई इप्टा के साथी अपनी सारी ऊर्जा चंदा बटोरने में लगा रहे हैं। आयोजन को अंतिम रूप प्रदान करने के लिये पिछले रविवार को भिलाई में ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी सहित केरल, पश्चिम बंग, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, उड़ीसा, झारखण्ड, बिहार, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र व मेजबान छत्तीसगढ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री रणवीर सिंह (राजस्थान) ने की। बैठक में राष्ट्रीय समिति ने भ्रष्टाचार, मंहगाई व सांप्रदायिकता के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी संघर्ष का आह्वान किया और प्रत्येक स्तर पर इप्टा की विभिन्न इकाइयों को सघन अभियान चलाने का निर्देश जारी किया।
श्री जितेन्द्र रघुवंशी ने उम्मीद जाहिर की कि भिलाई का यह सम्मेलन संगठन के सफलतम आयोजनों में से एक होगा। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इप्टा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान देश के राजनीतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक हालात पर गंभीर चर्चाओं के के लिये देशभर से प्रतिष्ठित व ख्यातिप्राप्त रंगकर्मी, संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार व पत्रकार जुटेंगे। दिनांक 26, 27 व 28 दिसंबर को नाटकों के मंचन के अलावा इप्टा का सांगठनिक कार्यक्रम भी साथ-साथ चलेगा, जिसके तहत तीसरे व अंतिम दिन दिनांक 28 दिसंबर 11 को नयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया जायेगा और ‘भिलाई घोषणा पत्र’ जारी किया जायेगा।
आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिये आयोजन समिति का गठन किया गया व छत्तीसगढ़ को कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्व सौंपे गये। आयोजन समिति के संरक्षक सदस्यों के रूप में ख्याति प्राप्त कलाकार पद्मभूषण तीजन बाई व पद्मश्री जे.एम. नेल्सन की स्वीकृति पहले ही हासिल हो चुकी है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपित प्रो. बी.सी.मल ने भी बतौर संरक्षक अपनी सेवायें देने के लिये सहमति जतायी है।
भिलाई से दिनेश चौधरी की रिपोर्ट.


